अमेरिका, चीन, रूस और फ्रांस के बाद अब भारतीय नौसेना भी पानी में अपनी मारक क्षमता बढ़ाते हुए एक कदम और आगे बढ़ गई है। नौसेना स्कॉर्पीन पनडुब्बी कलवरी के साथ अब दुश्मनों के दांत पानी में भी खट्टे कर देगी। कलवरी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह दुश्मन की नजरों से बचकर उनपर सटीक निशाना लगाएगी।
ये टॉरपीडो और एंटीशिप मिसाइलों से हमले कर सकती है। स्कॉर्पीन में लो रेडिएटिट नॉयस लेवल युक्त बनाया गया है जिससे इसका शोर कम होता है और यह समुद्र के अंदर तैरते हुए दुश्मनों पर घात लगाकर वार कर सकती है।
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कलवरी यानी खतरनाक 'टाइगर शार्क' जो हिंद महासागर की गहराई में बैठकर शिकार करती है। पनडुब्बी को फ्रेंच नेवल डिफेंस और ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस ने डिजायन किया है। इसे बनाने की लागत लगभग 350 करोड़ है। जबकि भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत इसका निर्माण मुंबई में एमडीएल ने किया है। मेक इन इंडिया के तहत यह बनाई जा रही ये देश की पहली पनडुब्बी है।