विदेश मंत्रालय की अंतरमंत्रालयी समिति ने एनआरआई शादियों के पंजीकरण के लिए आधार को अनिवार्य करने की सिफारिश की है। समिति ने यह सिफारिश भारत में शादी करने के बाद छोड़ने व अन्य वैवाहिक मुद्दों से निपटने के संदर्भ में की है।
भारतीय पासपोर्ट धारकों को लेकर विशेष समिति की सिफारिश का लक्ष्य ऐसी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है, जिनको उनके एनआरआई पति छोड़ देते हैं।
साथ ही इसका उद्देश्य ऐसी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है जिनको दूसरे देशों में घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
गत 30 अगस्त को विदेश मंत्रालय को सौंपी गयी इस रिपोर्ट की सामग्री के बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, (भारत में) एनआरआई की शादी के पंजीयन के लिए आधार को अनिवार्य बनाये जाने का प्रस्ताव है।’
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एनआरआई लोगों, दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों के आधार रजिस्ट्रेशन को लेकर नीति पर काम कर रहा है। वर्तमान में भारतीय नागरिकों समेत सभी निवासी और वैध वीजा वाले विदेशी व्यक्ति आधार नंबर के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।