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बुलेट ट्रेन पर बड़ा अपडेट: जापान की E10 ट्रेन से पहले भारत की अपनी हाई स्पीड ट्रेन दौड़ेगी, जानें वजह

Fri, 17 Jul 2026 06:58 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा।
 
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देश की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुंबई-अहमदाबाद के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का पहला खंड 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। भारत और जापान इस परियोजना को जल्द शुरू करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जापान अपनी अगली पीढ़ी की ई10 सीरीज शिंकानसेन ट्रेनें 2030 के शुरुआती वर्षों में भारत को उपलब्ध कराएगा। क्योंकि यह ट्रेन अभी जापान में निर्माण और परीक्षण के चरण में है। इस बीच भारत और जापान ने तय किया है कि ई10 ट्रेन के तैयार होने का इंतजार किए बिना शुरुआत भारतीय हाई स्पीड ट्रेन से की जाएगी। इससे परियोजना का संचालन समय पर शुरू किया जा सकेगा। पहले चरण में स्वदेश में विकसित हाई स्पीड ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि बाद में जापान की ई10 सीरीज ट्रेनों को शामिल किया जाएगा।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरी तरह शुरू होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बताया था कि गुजरात में सूरत और बिलिमोरा के बीच पहला परिचालन खंड 15 अगस्त 2027 तक शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के साथ ही कॉरिडोर के बाकी हिस्सों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।
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बी28 कोडनेम से तैयार हो रही स्वदेशी ट्रेन
भारत अपनी स्वदेशी हाई स्पीड ट्रेन विकसित कर रहा है। बी28 (बुलेट ट्रेन-28) कोडनेम से तैयार की जा रही। इस ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप मार्च 2027 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रेन हाई स्पीड ट्रायल रन पूरा करेगी। इसके बाद इसे हाई स्पीड कॉरिडोर पर संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। बीईएमएल कारखाने और आईसीएफ चेन्नई द्वारा विकसित की जा रही इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 250 से 280 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति है। 

प्रोजेक्ट में देरी पर जापान के पूर्व मंत्री नाराज 
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वह खुद इस परियोजना से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत के साथ काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं किया और समझौतों के बावजूद बाद में शर्तों में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्तर की बैठकों से भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इसकी आधारशिला रखी थी। 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर करीब तीन घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल सामान्य ट्रेन से इस दूरी को तय करने में करीब सात से आठ घंटे लगते हैं। इस रूट पर मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई स्टेशन भूमिगत होगा।
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