कांग्रेस पार्टी ने मॉनसून सत्र से पहले संसद के लिए अपने नेताओं में बड़े स्तर पर फेरबदल किए हैं। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में सुचारू कामकाज और प्रभावी समन्वय के लिए लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक समूह का गठन किया।
राज्यसभा के लिए समूह में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद, पार्टी के उप नेता आनंद शर्मा, अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश शामिल किए गए हैं। वहीं लोकसभा के लिए समूह में अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, के. सुरेश, मनिकम टैगोर और रवनीत सिंह बिट्टू की नियुक्ति की गई है। अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता हैं, जबकि गोगोई को उपनेता बनाया गया है।
16वीं लोकसभा में उप नेता का पद खाली पड़ा था। यहां तक कि 15वीं लोकसभा में भी, कैप्टन अमरिंदर सिंह के 2017 में पंजाब के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पार्टी ने किसी भी उप नेता का नाम नहीं दिया था। सुरेश लोकसभा में मुख्य सचेतक बने हुए हैं और बिट्टू को निचले सदन में सचेतक के रूप में नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि यह सारे फैसले और बदलाव कांग्रेस की कार्यसमिति की लंबी बैठक के तीन बाद किए गए हैं। उस सात घंटे चली लंबी बैठक में एक बार फिर से सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर चुना गया था।