सरकारी दफ्तरों की बात आते ही आंखों के सामने धूल फांकती फाइलों की तस्वीर उभर आती है। महाराष्ट्र में इसे बदलने, सरकारी फाइलों और जनता के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल आम नागरिकों को फाइल और रिकॉर्ड का निरीक्षण करने की अनुमति दी गई है। पुणे नगर निगम में पैटर्न सफल होने के बाद राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, जिला परिषद, नगर निगम कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू की गई है। महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने शासन से आदेश निकालकर आम नागरिकों को यह अधिकार दिया है।
हर सोमवार को फाइल देखेंगे आम नागरिक
महाराष्ट्र सरकार ने अहम फैसला सूचना का अधिकार कानून में पारदर्शिता लाने के लिया है। इसके तहत अब आम नागरिक हर सोमवार को दोपहर 3 से शाम 5 बजे के बीच दो घंटे के लिए जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों और स्थानीय निकायों में रिकॉर्ड का निरीक्षण कर सकेंगे। सोमवार को कार्यालय की छुट्टी होने पर यह आदेश अगले दिन लागू होगा।
पुणे नगर निगम में हिट हुआ था प्रयोग
2009 में पुणे में आम नागरिकों को फाइल देखने का अधिकार देने का यह प्रयोग किया गया था। पुणे नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर महेश झगडे ने सभी विभागों के काम में पारदर्शिता लाने और सूचना का अधिकार कानून के तहत आवेदन की संख्या कम करने के लिए यह प्रयोग शुरू किया था । हर सोमवार को नगर निगम के सभी कार्यालयों में दोपहर का दो घंटे का समय इस काम के लिए आरक्षित किया गया था। इस समय आवेदन न करते हुए मुफ्त में फाइल्स, महत्वपूर्ण दस्तावेज देखने की अनुमति दी गई थी। आवश्यक दस्तावेज की फोटो कॉपी साथ ले जाने की इजाजत भी दी गई थी। सूचना के अधिकार के संदर्भ में ग्रंथालय भी तैयार किया गया था।