कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। कृष्णानगर कोर्ट ने पेशी से गैरहाजिरी पर 19 अगस्त को वारंट जारी किया था। महुआ पर महिलाओं के अपमान और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी। यह वारंट कृष्णानगर की एक अदालत ने उनके पेश न होने पर जारी किया था।
क्या है आरोप?
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जस्टिस देबांग्सु बसाक और जस्टिस आर्यक दत्त की बेंच ने आदेश दिया कि इस मामले पर 27 अगस्त को फिर से सुनवाई होगी। उस दिन नादिया जिला अदालत में चल रहे मामले में शिकायतकर्ता की बात सुनी जाएगी। मोइत्रा पर वहां महिलाओं का अपमान करने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है।
बेंच ने कब तक रोक लगाई?
बेंच ने अगले आदेश तक मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी। मोइत्रा के वकील अर्को कुमार नाग ने कोर्ट को बताया कि यह कथित भाषण और उनके खिलाफ शिकायतें एक सांसद के तौर पर की गई थीं, इसलिए मामले की सुनवाई साल्ट लेक में तय एमपी/ एमएलए कोर्ट में होनी चाहिए।
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मोइत्रा के वकील ने क्या कहा?
उन्होंने यह भी कहा कि आरोप बेबुनियाद और तुच्छ थे और शिकायत में बताई गई बातें किसी आपराधिक अपराध के दायरे में नहीं आतीं। मोइत्रा के खिलाफ महिलाओं का अपमान करने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप लगाते हुए एक मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद कृष्णानगर कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था।
कृष्णानगर के तीसरे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने यह देखते हुए कि बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद मोइत्रा पेश नहीं हुईं, 19 अगस्त को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया था कि गिरफ्तारी वारंट के तामील होने की रिपोर्ट 28 अगस्त को कोर्ट में पेश की जाए।