माहिम विधानसभा: मुंबई की माहिम विधानसभा सीट पर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी ताल ठोक दी है। इस एक सीट पर तीन सेनाओं के बीच घमासान होना है। जिसमें सत्तारूढ़ शिवसेना, विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) तो राज ठाकरे की मनसे आमने-सामने है। अब दिलचस्प ये देखना होगा की जनता माहिम की कमान किसके हाथों में सौंपती है।
महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते राज्य की सियासत में जबरदस्त गर्माहट है। 288 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में सभी सीटों की अपनी-अपनी अहमियत है, लेकिन बात अगर मुंबई की माहिम विधानसभा सीट की करें तो इस विधानसभा सीट पर 20 नवंबर को जबरदस्त टक्कर देखने को मिलेगी। बात अगर दावेदारी की करें तो सत्तारूढ़ शिवसेना, विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) माहिम का किला फतेह करने के लिए अपना पूरा दम खम दिखा रही है।
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तीनों सेनाओं की दावेदारी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने माहिम विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक सदा सर्वणकर पर दांव खेला है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने इस सीट पर महेश सावंत को उम्मीदवार बनाया हैं। वहीं बात अगर महाराष्ट नवनिर्माण पार्टी(मनसे) की करें तो पार्टी ने अध्यक्ष राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे पर माहिम सीट से चुनावी दांव खेला है। अमित माहिम से अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत करेंगे। उनके सामने तीन बार माहिम से विधायक रह चुके शिवसेना उम्मीदवार सदा सवर्णकर एक बड़ी चुनौती के तौर पर माने जा रहे हैं।
इस सीट पर तीनों पार्टियों की गंभीरता को उम्मीदवारों के एलान से साफ तौर पर समझा जा सकता है, जिसके बाद अब देखने वाली बात ये होगी की माहिम की जनता आखिर किस पार्टी को अपने नेतृत्व का कमान सौंपती है। क्या माहिम की जनता शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार महेश सावंत पर भरोसा जताएगी या अमित ठाकरे को माहिम का नेतृत्व करने का पहला मौका देगी या फिर तीन बार विधायक एकनाथ शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवार सदा सर्वणकर पर एक बार फिर माहिम क्षेत्र की कमान सौंपेगी।
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क्या बोले संजय राउत
वहीं अमित ठाकरे के खिलाफ अपनी पार्टी द्वारा उम्मीदवार उतारने के बारे में पूछे जाने पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना का गठन माहिम-दादर बेल्ट में हुआ है और ऐसा नहीं हो सकता कि वह इस सीट पर चुनाव न लड़े। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान तो 23 नवंबर को मतगणना होनी है।
चौथी बार माहिम सीट पर दांव ठोकेंगे सवर्णकर
माहिम विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके सदा सर्वणकर एक बार फिर इस सीट से अपनी दावेदारी पेश करेंगे। वे से 2004, 2014 और 2019 का चुनाव जीत चुके हैं, जिसके बाद देखने वाली बात ये होगी कि क्या एक बार फिर सदा सवर्णकर माहिम का किला फतेह कर पाएंगे। बता दें कि माहिल विधानसभा सीट मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। 1962 से 1985 तक कभी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, कांग्रेस तो कभी जनता पार्टी का दवदबा रहा है।