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मोदी से मिलने के बाद बोलीं महबूबा, युवाओं को भड़काना बंद करे पाकिस्तान

Sun, 28 Aug 2016 05:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
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महबूबा
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 जम्मू-कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने साफ और कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि घाटी के युवाओं से पड़ोसी देश को जरा भी सहानुभूति है तो वह युवाओं को भड़काना तत्काल बंद कर दे। घाटी में पिछले डेढ़ महीने से जारी अशांति पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री से कश्मीर मसले के हल के लिए वाजपेयी नीति पर काम करने तथा तीन-सूत्री एक्शन प्लान का भी सुझाव दिया। कश्मीर मसले की जटिलता के लिए उन्होंने पाकिस्तान नीति और पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को भी दोषी ठहराया।
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लगभग एक घंटे की मुलाकात के बाद महबूबा मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक हो गईं और घाटी में हिंसा खत्म करने के लिए मीडिया से भी अपील की, ‘कृपया मेरी मदद करें।’ उन्होंने पीएम मोदी को अपनी तरह ही घाटी के हालात पर बहुत चिंतित बताया। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर जाएगा और राज्य की जनता से संपर्क साधेगा। उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी और गृह मंत्री ने लाहौर का दौरा कर पाकिस्तान की तरह हाथ बढ़ाया, अब पाकिस्तान को भी आगे बढ़ना चाहिए। 

हालांकि सार्क मंत्रियों की बैठक के बाद मेलजोल बढ़ाने का एक मौका उसने गंवा दिया है।’ उन्होंने पड़ोसी मुल्क को यह सलाह भी दी कि वह कश्मीर नीति पर अपने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की विचारधारा से अलग हटकर सोचें, जिनकी सोच थी कि कश्मीर पर यूएन प्रस्ताव अब आधुनिक युग में अप्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक राजनीतिक दल कश्मीर हिंसा खत्म कराना चाहता है लेकिन वार्ता सिर्फ उन्हीं लोगों से की जा सकती है जो इसके लिए तैयार हैं। युवाओं को जो उकसाते हैं और अलग विचारधारा रखते हैं, उनके साथ बातचीत संभव नहीं हो सकती।’
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में उन्होंने पाकिस्तान और अलगाववादियों समेत सभी पक्षों से बातचीत के लिए तीन-सूत्री एक्शन प्लान और अटल बिहारी वाजपेयी की नीति पर काम शुरू करने की अपील की। इस मुलाकात में वार्ता के लिए संस्थागत ढांचा बनाने पर सहमति बनी। महबूबा ने कहा कि राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन का आधार ही वाजपेयी की कश्मीर नीति है। 
 

पाकिस्तान और यूपीए सरकार की कश्मीर नीति को दोषी ठहराया

मोदी के साथ महबूबा मुफ्ती
उन्होंने घाटी के बिगड़े हालात के लिए पाकिस्तान और यूपीए सरकार की कश्मीर नीति को दोषी ठहराया। अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुफ्ती साहब अक्सर कहा करते थे कि मोदी जी के पास दो-तिहाई बहुमत है। उनके कार्यकाल में यदि हालात नहीं बदले तो ये कभी नहीं बदल सकते। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री यूपीए सरकार की तरह कश्मीर मसले का हल नहीं निकालेंगे।’

मोदी और राजनाथ की तारीफ करते हुए महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री कश्मीर को मौजूदा संकट से जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए काफी गंभीर हैं। उन्होंने घाटी को हिंसा से मुक्त कराने के उपायों के बारे में लंबी बातचीत की। कश्मीर पर मोदी की तत्परता की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से साथ संबंध बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण और साहसिक कदम उठाए हैं। 
 
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'पाकिस्तान शैतानी पर उतारु था और कश्मीर में हिंसा भड़का रहा था'

महबूबा मुफ्ती
शपथग्रहण पर पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को न्योता और लाहौर में पड़ाव उन्हीं कदमों का हिस्सा था। लेकिन इसके बाद ही पठानकोट हमला होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण था। महबूबा ने कहा कि जब पाकिस्तान शैतानी पर उतारु था और कश्मीर में हिंसा भड़का रहा था तब गृहमंत्री राजनाथ सिंह लाहौर गए। पाकिस्तान ने वह सुनहरा मौका भी गंवा दिया और उन्हें वह इज्जत भी नहीं बख्शी जो एक मेहमान के दी जानी चाहिए।

इस अहम मुलाकात के बाद मुफ्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मीडिया और जनता उन्हें इस संकट से उबरने में मदद करे। उन्होंने कहा, ‘कश्मीर की जनता सम्मान के साथ जीने का सपना संजोए है। कृपया हिंसा भड़काने के बजाय मुझे चीजें दुरुस्त करने का एक मौका दें। मुझे सत्ता संभाले अभी दो महीने ही हुए थे कि मुझे इतने बड़े संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है।’
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