मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना, भाजपा और राकांपा (अजित पवार गुट) के अलावा छोटे घटक दलों के नेताओं ने शाम को यहां एक सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर बोलते हुए, भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे ने राष्ट्रीय भक्ति पर जोर दिया और कहा कि राम भक्ति व्यक्तिगत संबद्धता से परे है, और श्री राम प्रतिज्ञा दिलाई।
लोकसभा चुनाव को लेकर देशभर में राजनीतिक पार्टियों में घमासान शुरू हो गया है। शंखनाद होने में बस कुछ ही महीने बाकी हैं, ऐसे में हर पार्टी ताकत झोंकने में जुट गई है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के ठाणे जिले की सभी तीन लोकसभा सीटें जीतने के लिए महायुति गठबंधन को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल, कल्याण के सांसद श्रीकांत शिंदे और अन्य नेताओं ने रविवार को कसम खाई।
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना, भाजपा और राकांपा (अजित पवार गुट) के अलावा छोटे घटक दलों के नेताओं ने शाम को यहां एक सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर बोलते हुए, भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे ने राष्ट्रीय भक्ति पर जोर दिया और कहा कि राम भक्ति व्यक्तिगत संबद्धता से परे है और श्री राम प्रतिज्ञा दिलाई।
पीएम मोदी नेतृत्व को सराहा
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटिल ने किसान सम्मान और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं के प्रभाव के बारे में बात की। उन्होंने महायुति कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तीसरा कार्यकाल सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी ढंग से सहयोग करने का आग्रह किया। इसके साथ ही महाराष्ट्र के मंत्री रवींद्र चव्हाण और सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी दस वर्षों में राम मंदिर सहित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पीएम मोदी के शासन की सराहना की।
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शिवसेना के नरेश म्हस्के ने समर्थकों से 'नमो सैनिक' बनने का आग्रह किया, जबकि राकांपा के आनंद परांजपे ने तीनों लोकसभा सीटें जीतने के लिए एकजुट प्रयास करने की अपील की। बता दें कि ठाणे जिले में भिवंडी, ठाणे और कल्याण तीन संसदीय क्षेत्र हैं, जिनमें से दो भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास हैं।