विश्व कल्याणार्थ और शांति की कामना से जापान में शतचंडी महारुद्र यज्ञ होगा। तीन दिवसीय यह महायज्ञ 21 अक्तूबर से आरंभ होगा। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से 121 विद्वान शामिल होंगे। यूपी में काशी और गोरखपुर से चुनिंदा वैदिक आचार्य इस यज्ञ में हिस्सा लेने के लिए जापान जाएंगे।
जापान के माउंट फुजी शहर में विश्व कल्याणार्थ, शांति के लिए किए जाने वाले महायज्ञ की तैयारी पूरी कर ली गई है। यह यज्ञ साई मां विष्णु शक्ति ट्रस्ट की ओर से आयोजित किया गया है। ट्रस्ट की प्रमुख साई मां लक्ष्मी दुनिया भर में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटी हैं। हरिश्चंद्र घाट स्थित आश्रम परिसर में पत्रकारों से बातचीत में यज्ञ की तैयारियों के बारे में प्रमुख आचार्य पं. के. वेंकटरमण घनपाठी ने दी।
उन्होंने बताया कि इस यज्ञ में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश के अलावा यूपी में बनारस, गोरखपुर से कुल से 121 वैदिक आचार्य जाएंगे। इसमें काशी के 31 विद्वान होंगे। वैदिक आचार्यों की टोली 17 अक्तूबर को दिल्ली पहुंचेगी। वहां से रात में टोक्यो के लिए रवाना होगी। ब्राह्मणों के साथ भोजन बनाने के लिए 15 रसोइयों का दल भी जाएगा। वार्ता के दौरान मोहन दास, अजय मिश्रा, श्रीनिवासन भी उपस्थित थे।