राष्ट्रपिता महात्मा गांधी लंबे समय तक उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से ग्रस्त रहे थे। ये खुलासा बापू के स्वास्थ्य पर शोध कर रहे भारतीय वैज्ञानिकों ने किया है। बुधवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुंसधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने बताया कि महात्मा गांधी को हाइपरटेंशन की शिकायत थी। पैदल चलना उनके स्वास्थ्य का सबसे बड़ा रहस्य था जिसे दुनिया के सामने के लिए जल्द ही शोध पूरा होने जा रहा है। इतना ही नहीं साल 1930 में हुए डांडी मार्च पर भी वैज्ञानिकों ने शोध शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इस शोध को पूरा करने के बाद आईसीएमआर देश भर में मुठ्ठी से चुटकी तक नमक अभियान शुरू करने जा रहा है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि महात्मा गांधी को हाइपरटेंशन की परेशानी ज्यादा थी। उन्हें हमेशा इसका दुष्प्रभाव भी झेलना पड़ता था। महात्मा गांधी के स्वास्थ्य से संबंधी कुछ बातें ऐसी हैं जिसको आम जनता को जनाना काफी जरुरी है। इसके लिए विशेष अंक निकाला जा रहा है।
चूंकि बापू के दौर में हाइपरटेंशन को लेकर विशेष दवाएं मौजूद नहीं थी। इसलिए अभी तक जानकारी मिली है कि वे इसके लिए सर्पगंधा नामक दवा का सेवन करते थे। शोध में ये भी पता चला है कि उन्हें कभी मलेरिया हुआ था और उनका पैदल चलना सबसे बड़ा स्वास्थ्य रहस्य था।
महात्मा गांधी के स्वास्थ्य के अलावा उनसे जुड़ी वर्तमान में चल रहीं तमाम स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा करने के लिए भी वैज्ञानिकों ने तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन योजनाओं का अब तक आम जनता पर क्या असर पड़ा? इसका समीक्षात्मक शोध पूरा किया जाएगा।