महात्मा गांधी की 148वीं जयंती के साल में भी कई लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल हैं जैसे किस पिस्टल से गांधी की जान ली गई, उनको कितनी गोलियां मारी गईं और क्या कोई दूसरा भी शूटर था। अब महात्मा गांधी की हत्या से जुड़े केस को फिर से खोलने के लिए याचिका दायर की गई है जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में छह अक्टूबर को होगी।
यह याचिका वीर सावरकर को मानने वाले डॉ पंकज पधानी ने दायर की है। पंकज ने जनहित याचिका में सवाल उठाया है कि गांधी पर तीन नहीं बल्कि चार गोलियां चलाई गई थीं। याचिका पहले हाई कोर्ट में दायर की गई थी जिसको रद्द कर दिया गया था अब उसे सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया है।
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याचिका में कहा गया है कि एक बजे के करीब जब बापू को नहलाने के लिए लाया गया तो सब रो रहे थे। उनकी धोती, शॉल और रुमाल पूरी तरह से खून में रंगे हुए थे। तब कपड़ों से एक चौथी गोली निकल कर आई थी। यह बात पंकज ने मनुबेन की डायरी को आधार बनाकर कही है। मनुबेन उस दिन गांधी के साथ थीं।
याचिका के साथ मई 1948 का एक पत्र भी शामिल है। पत्र दिल्ली के आई जी पुलिस ने साइंटफिक लेब के डायरेक्टर को लिखा था। पूछा गया था कि क्या चौथी गोली उन बंदूकों में से किसी एक से निकली है जिनको ग्वालियर से जब्त किया गया था। पत्र के जवाब में डायरेक्टर ने इस बात से इंकार किया कि गोली जब्त की गई किसी बंदूक से चलाई गई।