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मोदी को 'फादर ऑफ इंडिया' कहने पर बापू के प्रपौत्र बोले- जॉर्ज वॉशिंगटन की जगह लेना चाहते हैं ट्रंप

Sun, 29 Sep 2019 06:04 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तुषार गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ (भारत का पिता) कहे जाने पर महात्मा गांधी के प्रपौत्र (पड़पोते) तुषार गांधी ने ट्रंप की आलोचना की है। तुषार गांधी ने हैरत जताते हुए सवाल किया कि क्या अमेरिका के राष्ट्रपति भी खुद को जॉर्ज वॉशिंगटन बता देंगे?

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तुषार गांधी ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को भव्य तरीके से मनाने की सरकार की योजना ‘मात्र सांकेतिक’ है। ट्रंप ने पिछले हफ्ते पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा था, ‘मुझे याद है भारत पहले काफी बंटा हुआ था। काफी असंतोष था, लड़ाई थी और उन्होंने (मोदी) सबको एकजुट किया। जैसा कि एक पिता करता है। हो सकता है वह राष्ट्र के पिता हों।’

अमेरिकी राष्ट्रपति के 24 सितंबर के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए तुषार गांधी ने कहा, ‘जिन लोगों को नया फादर ऑफ नेशन चाहिए उनका स्वागत है। ट्रंप यह भी चाहेंगे कि जॉर्ज वाशिंगटन (संयुक्त राज्य अमेरिका के संस्थापकों में से एक) की जगह खुद को रख लें।’ 59 वर्षीय तुषार गांधी, पत्रकार अरूण गांधी के बेटे, मणिलाल गांधी के पोते और महात्मा गांधी के प्रपौत्र हैं।

गोडसे पर यह बोले तुषार

भारत में दक्षिण पंथ के एक धड़े द्वारा नाथूराम गोडसे का गौरव गान करने के बारे में पूछे जाने पर तुषार गांधी ने कहा, ‘समय इस बात का आकलन करेगा कि क्या अच्छा है।’ उन्होंने कहा, ‘जो लोग घृणा एवं हिंसा की पूजा करते हैं वे गोडसे की प्रशंसा कर सकते हैं। उन्हें लेकर मुझे कोई शिकायत नहीं है। यह उनका अधिकार है जैसे कि बापू की पूजा करना मेरा अधिकार है। मैं उनका स्वागत करता हूं।’

बापू पर सांकेतिक उत्सव, दुखद है

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाने की सरकार की योजना पर तुषार गांधी ने कहा कि इस तरह के उत्सव महज सांकेतिक हैं। उन्होंने कहा, ‘बापू के विचार और विचारधारा हर जगह लागू हो सकते हैं, जीवन और प्रशासन समान रूप से, लेकिन दुखद है कि ऐसा नहीं हो रहा है।’

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तुषार गांधी ने कहा, ‘बापू महज संकेतों तक सिमट गए हैं जैसे करंसी नोट और स्वच्छ भारत अभियान के पोस्टरों तक।’ उन्होंने कहा कि समाज को समझना चाहिए कि महात्मा गांधी की विचारधार समय से परे है और दुनिया भर में जन आंदोलनों को प्रेरित किया है।

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