केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को महात्मा गांधी की हत्या पर जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। इस रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया है कि सारे सबूत केवल वीर सावरकर और उनके समूह के आपराधिक साजिश में शामिल होने के सिद्धांत की ओर इशारा करते हैं।
इसके साथ ही आयोग ने सर्वोच्च कार्यालय से नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइलों के हालिया खुलासे पर आधारित महात्मा गांधी का संपूर्ण अभिलेखागार बनाने की सिफारिश भी की है।
दि ट्रांसपेरेंसी वाचडॉग ने एक सूचना का अधिकार आवेदन स्थानांतरित करते हुए 30 जनवरी, 1948 को हुई महात्मा गांधी की हत्या, उससे संबंधित जांच और अदालती मुकदमों से जुड़े रिकॉर्ड की मांग की थी। इसके बाद आयोग ने कहा कि सूचना और गांधी की हत्या से संबंधित रिकॉर्ड्स पर अभिलेखागार बनाने की उचित नीति, जांच, परीक्षण, सजा, आधिकारिक पत्राचार और जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर आवश्यक कार्रवाई के लिए यह आवेदन प्रधानमंत्री कार्यालय को स्थानांतरित किया जाना चाहिए।