महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित खांडूपाड़ा इलाके में बुधवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहनों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में रहने वाले लोगों को अपनी जान बचाने के लिए छत पर जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि उमर अपार्टमेंट के 25 फ्लैट में रहने वाले लोग गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान पार्किंग में लगी आग और धुएं का पता चला। लोगों ने अपने परिवार के साथ टेरिस पर पहुंचकर जान बचाई।
इस घटना में पार्किंग में खड़े 14 दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए। धुएं की वजह से कुछ बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में परेशानी और उल्टियां होने की शिकायत भी सामने आई है। उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, किसी के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खांडूपाड़ा इलाके के उमर अपार्टमेंट में तेज लपटें आग की तीव्रता बयां कर रही थीं। इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह काला पड़ गया, जबकि दूसरे हिस्से पर लगा पुराना रंग अभी भी दिखाई दे रहा है।
स्थानीय निवासी अब्दुल शेख ने बताया, 'मैं सुबह करीब 4 बजे जागा और मुझे कुछ हलचल सुनाई दी। जब मैंने दरवाजा खोला, तो हर तरफ धुआं ही धुआं था। बाद में, मैंने खिड़की से बाहर देखा और मुझे ऊपर छत पर जाने के लिए कहा गया। मैं अपने बच्चों को छत पर ले गया क्योंकि नीचे आने का कोई रास्ता नहीं था। नीचे का पूरा इलाका आग की चपेट में था।'
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगने की जानकारी मिलने के बाद भिवंडी दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग लगने की सूचना मिलते ही शांतिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आग का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीबीआई केस में तीन सीजीएसटी आरोपियों की कस्टडी का आदेश दिया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में ठाणे की विशेष सीबीआई अदालत का फैसला पलटते हुए आरोपियों को दो दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। सीबीआई की मुंबई भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 26 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत यह केस दर्ज किया था। रायगढ़ के खांडेश्वर में तैनात सीजीएसटी सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर एक कारोबारी फर्म से 1.50 करोड़ रुपये की घूस मांगने का आरोप था, जिसे बाद में 40 लाख रुपये तय किया गया। सीबीआई ने 27 अगस्त को जाल बिछाकर कस्टम्स हाउस एजेंट नरिंदर राजपूत को 40 लाख रुपये लेते पकड़ा। यह रकम सुपरिटेंडेंट सिन्हा और सीजीएसटी एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी (आईआरएस 2009 बैच) की तरफ से ली जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद विशेष अदालत ने 28 अगस्त को सीबीआई की पांच दिन की कस्टडी अर्जी खारिज कर दी थी और गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए आरोपियों को जमानत दे दी थी। सीबीआई ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती (रिवीजन अर्जी संख्या 460/2026) दी। 16 सितंबर को हाई कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया। अदालत ने रिकॉर्ड देखकर पाया कि गिरफ्तारी के आधार और जानकारी परिजनों व वकीलों को नियमपूर्वक दे दी गई थी। आदेश के बाद सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एजेंट नरिंदर राजपूत को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है, जबकि एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेती को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
महाराष्ट्र में 584 आदिवासी छात्रों की मौत पर सियासत, सीजेपी ने शुरू किया 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान
महाराष्ट्र के आदिवासी आवासीय आश्रम स्कूलों में पिछले दो साल के भीतर 584 छात्रों की मौत की सरकारी स्वीकारोक्ति के बाद मामला गरमा गया है। इस गंभीर स्थिति को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और संस्थापक अभिजीत दिपके, राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे और संयुक्त सचिव अक्षय शिंदे ने बुधवार को नागपुर में इस अभियान की घोषणा की।
दिपके ने कहा कि राज्य में औसतन हर दिन एक आदिवासी बच्चे की जान गई है। उन्होंने अगस्त में गढ़चिरौली के हॉस्टल में तीन छात्राओं की सांप के काटने से हुई मौत का हवाला दिया, जहाँ एक ही कमरे में 79 लड़कियां बिना खाट जमीन पर सो रही थीं। इस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नोटिस भी भेजा है। उन्होंने बालाघाट में गंदे पानी और फूड पॉइजनिंग से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए सरकार के मामूली मुआवजे (दो लाख रुपये या बकरी देने) पर कड़े सवाल उठाए।
सीजेपी ने कहा कि संसदीय समिति के अनुसार 20 साल में आश्रम-स्कूल योजना सिर्फ 14 राज्यों तक पहुंची है, जहां भीड़ और खराब खाना आम बात है। वहीं एकलव्य मॉडल योजना के 720 स्वीकृत स्कूलों में से सिर्फ 477 चालू हैं। बजट का एक-चौथाई हिस्सा खर्च ही नहीं हुआ और हजारों शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। पार्टी ने तीन महीने में सभी स्कूलों के स्वतंत्र ऑडिट, पिछले 10 साल की मौतों की सार्वजनिक जानकारी और स्कूलों का पब्लिक डैशबोर्ड बनाने की मांग की है।