महाराष्ट्र भाजपा नेता गिरीश महाजन ने रविवार को अपने पूर्व सहयोगी एकनाथ खडसे को 'बुझा हुआ दीपक' करार दिया। यह टिप्पणी खडसे की भाजपा में वापसी के ऐलान के बाद आई है। पिछले साल जुलाई में जब अजित पवार और आठ विधायकों के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद राकांपा विभाजित हो गई तो खडसे ने शरद पवार के साथ जाना चुना था।
महाजन ने आगे कहा कि वह बुझे हुए दीपक के समान है। एक ग्राम पंचायत भी उनके हाथ में नहीं है। वह एक बैंक को नियंत्रित करते थे, लेकिन निदेशक मंडल भी बदल गया है। इसके अलावा नए बोर्ड सदस्य उनकी बात नहीं सुनते। उसके निर्णय को इतना महत्वपूर्ण क्यों बनाया जाए?' जलगांव जिले में खडसे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे महाजन ने कहा, उनकी पत्नी और बेटी अतीत में चुनाव हार चुकी हैं।
तीन साल पहले भाजपा से हुए थे अलग
गौरतलब है कि खड़से करीब तीन साल पहले महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व के साथ मतभेद होने पर पार्टी छोड़कर अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में चले गए थे। खडसे ने शनिवार को कहा कि वह अगले सप्ताह दिल्ली में अपनी मूल पार्टी में शामिल होंगे। पूर्ववर्ती देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रहे खडसे ने एक भूमि सौदे के मामले को लेकर 2016 में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
लंबे इंतजार के बाद शरद पवार की अगुवाई वाली अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने उन्हें अपना सदस्य बनाया था। खडसे ने कहा कि कुछ घटनाक्रमों को लेकर उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी थी। वह इस समय राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधान परिषद सदस्य हैं। एक समय महाराष्ट्र में भाजपा के शीर्ष नेताओं में शुमार रहे खडसे (71) ने कहा, ‘मैं भाजपा में लौट रहा हूं। मैंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क किया और पार्टी में लौटने की इच्छा जताई। मैं अगले सप्ताह दिल्ली में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो जाऊंगा।’