स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए पदकों की घोषणा की है। इस सूची में ठाणे सेंट्रल जेल की अधीक्षक रानी भोसले और उनके पति, अतिरिक्त अधीक्षक राजाराम भोसले का नाम भी शामिल है। दोनों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके जेल प्रशासन के कठिन और चुनौतीपूर्ण माहौल में वर्षों की निष्ठापूर्ण सेवा की पहचान है।
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस साल कुल 1,090 पुलिसकर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में पदक दिए जा रहे हैं। इनमें 233 को मेडल फॉर गैलेंट्री, 99 को प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 758 को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से नवाजा जा रहा है। रानी और राजाराम भोसले को एमएसएम श्रेणी में यह सम्मान मिला है।
जेल विभाग के 8 अधिकारियों को सम्मान
महाराष्ट्र के जेल विभाग से कुल आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस वर्ष पुलिस पदक दिए जा रहे हैं। इनमें मुंबई सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट गजानन काशीनाथ सरोड़े, मुंबई सेंट्रल जेल के सुबेदार संजय गंगाराम शिवगण, हवलदार सुधाकर ओंकार चव्हाण, बायकुला जिला जेल के कांस्टेबल राजेश माधवराव सावंत, बायकुला जिला जेल के कांस्टेबल संजय सदाशिव जाधव और कोल्हापुर सेंट्रल जेल की जेल कांस्टेबल विद्या भारत धेंबरे शामिल हैं।
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वरिष्ठ अधिकारी का बयान
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारागार और सुधार सेवाएं) सुहास वर्के ने कहा कि यह सम्मान इन सभी अधिकारियों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इन पदक विजेताओं की सेवा भावना ने पूरे विभाग के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।
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जेल सेवा का चुनौतीपूर्ण काम
जेल प्रशासन का काम सिर्फ कैदियों की निगरानी तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनकी सुरक्षा, सुधार और पुनर्वास की जिम्मेदारी भी इसी विभाग पर होती है। ऐसे में ठाणे सेंट्रल जेल के अधीक्षक दंपत्ति और अन्य अधिकारियों को मिला यह सम्मान उनके कठिन परिश्रम और समाज के प्रति समर्पण का बड़ा प्रमाण है। यह पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के जेल विभाग के लिए गर्व का विषय है।