Maharastra Vidhan Sabha Chunav 2024: 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उतरे निर्दलीय उम्मीदवारों ने दलीय प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा दी है। कई विधानसभा क्षेत्रों में दलीय प्रत्याशियों जैसे नाम वाले निर्दलीय उम्मीदवार खड़े हो गए हैं। इससे दलीय उम्मीदवारों में बेचैनी है कि ईवीएम में एक जैसे नाम देखकर कहीं मतदाता भ्रमित न हो जाएं।
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सांगली में तीन निर्दलीयों के नाम दलीय उम्मीदवारों से मिलते जुलते
सांगली जिले के तासगांव-कवठे महाकाल निर्वाचन क्षेत्र में दिवंगत एनसीपी नेता व पूर्व गृह मंत्री आरआर पाटिल के बेटे रोहित रावसाहेब पाटिल और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के संजय काका पाटिल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। उनके जैसे ही नाम वाले तीन और उम्मीदवार भी मैदान में हैं। इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रोहित रावसाहेब पाटिल, रोहित राजगोंडा पाटिल और रोहित राजेंद्र पाटिल ने एनसीपी (शरद) को परेशान कर दिया है। पार्टियों का कहना है कि समान नाम मतदाताओं को भ्रमित कर सकते हैं और अगर जीत का अंतर कम रहा तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
निर्दलीय उम्मीदवार को अयोग्य घोषित करने की मांग
वहीं पुणे में वडगांव शेरी विधानसभा सीट से एनसीपी (एसपी) उम्मीदवार बापूसाहेब तुकाराम पठारे ने समान नाम वाले एक निर्दलीय उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उम्मीदवार ने अधूरी जानकारी दी है। पठारे का मुकाबला अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के विधायक सुनील टिंगरे से है। अहिल्यानगरी जिले के निवासी बापू बबन पठारे ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने उनकी उम्मीदवारी स्वीकार कर ली है।
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पार्वती सीट पर कुछ ऐसा ही हाल
पुणे की पार्वती विधानसभा सीट पर एनसीपी (सपा) नेता अश्विनी नितिन कदम भाजपा विधायक माधुरी मिसाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इसी सीट पर दो और निर्दलीय उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें से एक नाम अश्विनी नितिन कदम का है। दूसरे नाम अश्विनी विजय कदम हैं। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।