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Maharashtra: 'महाराष्ट्र को जल्द ही तीसरा उपमुख्यमंत्री मिलेगा', शिंदे गुट पर संजय राउत पर बड़ा हमला

Fri, 24 Jan 2025 10:34 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

उद्धव ठाकरे के गुट को कमजोर बताए जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि एकसा आरोप लगाने वाले अपनी चिंता करें। वे डर की वजह से सत्ता पक्ष का साथ दे रहे हैं। वे दिल्ली के इशारे पर काम कर रहे हैं। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन हम यहां मजबूती से खड़े हैं।
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एकनाथ शिंदे, संजय राउत - फोटो : PTI
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विस्तार
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शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र की सियासत को लेकर बड़ा दावा किया है। राउत ने शुक्रवार को शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया। उन्होंने शिंदे गुट में दरार का दावा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना से तीसरा उपमुख्यमंत्री होगा।

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राज्यसभा सांसद ने कहा कि पर्दे के पीछे की गतिविधियां ऐसी हैं कि भविष्य में राज्य में तीन उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'किसी को भी एकनाथ शिंदे को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। वह उपमुख्यमंत्री हैं। वह कल मुख्यमंत्री थे। वह कल नहीं होंगे, क्योंकि महाराष्ट्र को उसी पार्टी से तीसरा उपमुख्यमंत्री मिल रहा है। उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए।'

उन्होंने भाजपा का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि शिंदे महाराष्ट्र के दुश्मनों की सेवा कर रहे हैं। राउत की टिप्पणी कुछ दिनों पहले उनके इस दावे के बाद आई है कि उद्योग मंत्री उदय सामंत शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को दोफाड़ कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास 20 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा था कि जब पिछले साल नवंबर में राज्य चुनावों के बाद शिंदे सीएम पद से इनकार किए जाने से नाराज थे, तब सामंत को उपमुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने की योजना थी।
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सामंत ने किया खंडन
हालांकि, सामंत ने पार्टी प्रमुख शिंदे के साथ किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनके बीच दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
 

उद्धव ठाकरे के गुट को कमजोर बताए जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि एकसा आरोप लगाने वाले अपनी चिंता करें। वे डर की वजह से सत्ता पक्ष का साथ दे रहे हैं। वे दिल्ली के इशारे पर काम कर रहे हैं। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन हम यहां मजबूती से खड़े हैं।

इससे पहले संजय राउत ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, 'मेरे मन में संदेह है कि 2026 के बाद केंद्र सरकार बचेगी या नहीं? मुझे लगता है कि मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे और एक बार केंद्र सरकार अस्थिर हो गई तो इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा।' संजय राउत ने संवाददाताओं से बात करते हुए उन अटकलों को खारिज कर दिया था कि नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद शिवसेना (यूबीटी) के कुछ नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। दरअसल, वे शिवसेना (यूबीटी) के राजापुर के पूर्व विधायक राजन साल्वी के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़ने की चर्चा पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

पिछले साल हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 543 सदस्यीय सदन में 272 के बहुमत के आंकड़े से ऊपर 293 सीटें जीती थीं। हालांकि, पिछले दो कार्यकालों के मुकाबले भाजपा अपने दम पर बहुमत से काफी दूर रह गई। राउत ने दावा किया था कि मुझे संदेह है कि केंद्र में सरकार 2026 तक टिक पाएगी या नहीं। मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे और जब ऐसा होगा, तो न केवल महाराष्ट्र में बल्कि अन्य जगहों (राज्यों) में भी बदलाव होंगे।

महाराष्ट्र में महायुति की जीत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) का प्रदर्शन अच्छा नहीं था। पार्टी 36 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन उन्हें केवल 10 पर ही जीत मिली। भाजपा 132 से ज्यादा सीटें जीती। वहीं अगर भाजपा नीत महायुति के घटक दलों की बात करें तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 57 और अजित पवार की राकांपा 41 सीटें जीतने में कामयाब रही। महाविकास आघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, राकांपा-एसपी) ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं।

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