अब जानते हैं वाल्मिक कराड से जुड़े खुलासे के बारे में
वाल्मिक कराड को 31 दिसंबर, 2024 को बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच देशमुख की हत्या से संबंधित जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया था। राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने 27 फरवरी को देशमुख की हत्या और दो संबंधित मामलों में 180 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ के बाद बीड जिले की एक अदालत में 1,200 से अधिक पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया। दरअसल, देशमुख को पिछले साल 9 दिसंबर को कथित तौर पर बीड में एक ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली की कोशिश को रोकने के प्रयास के लिए अगवा कर लिया गया, प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
अलग-अलग मामले बीड के केज पुलिस स्टेशन में दर्ज
सरपंच की हत्या, अवाडा कंपनी से पैसे ऐंठने की कोशिश और फर्म के सुरक्षा गार्ड पर हमला तीन अलग-अलग मामले बीड के केज पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया है। अधिकारी ने आरोपपत्र के साथ संलग्न रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 7 दिसंबर, 2024 को कराड ने कथित तौर पर एक अन्य आरोपी सुदर्शन घुले से कहा कि जो लोग उनकी जबरन वसूली की कोशिश में आड़े आएंगे, उन्हें खत्म कर दिया जाना चाहिए।
अवाडा कंपनी से दो करोड़ की जबरन वसूली
रिपोर्ट में कहा गया है कि कराड ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अवाडा कंपनी से दो करोड़ रुपये मांगे, जो बीड में एक बिजली उत्पादन परियोजना में लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कराड, विष्णु चाटे, सुदर्शन घुले, प्रतीक घुले, सुधीर सांगले, कृष्ण अंधाले, जयराम चाटे और महेश केदार ने 8-9 दिसंबर 2024 के बीच अवाडा कंपनी से दो करोड़ की जबरन वसूली करने का फैसला किया।
पूरे इलाके में अपना आतंक फैलाना चाहते थे
अधिकारी ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि वे कथित तौर पर पूरे इलाके में अपना आतंक फैलाना चाहते थे और उन्होंने अपने रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति को खत्म करने या मारने का भी फैसला किया। इससे पहले 29 नवंबर 2024 को कराड ने विष्णु चाटे के फोन पर अवाडा कंपनी के अधिकारियों से दो करोड़ रुपए की रंगदारी के लिए बात की थी। उसी दिन सुदर्शन घुले मासजोग गांव में कंपनी की साइट पर पहुंचे और अधिकारियों से कराड की मांग पूरी करने को कहा।
मासजोग गांव में कंपनी की साइट पर बवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि कराड ने उसी दिन केज में चाटे के कार्यालय में विष्णु चाटे, सुदर्शन घुले, प्रतीक घुले, सुधीर सांगले और कृष्णा आंधले से मुलाकात की और रंगदारी के मुद्दे पर आगे का रास्ता तय किया। बाद में 6 दिसंबर 2024 को आरोपी सुदर्शन घुले, प्रतीक घुले और सुधीर सांगले मासजोग गांव में कंपनी की साइट पर गए और अधिकारियों से झगड़ा किया और उनसे काम बंद करने को कहा।
सुदर्शन घुले ने संतोष देशमुख को धमकाया
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरपंच संतोष देशमुख वहां आए और आरोपियों से अनुरोध किया कि लोगों को रोजगार मिलने दें, कंपनी का काम बंद न करें। रिपोर्ट के हवाले से अधिकारी ने बताया कि सुदर्शन घुले ने कथित तौर पर धमकाते हुए कहा, 'हम तुम्हें देख लेंगे, हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे।' रिपोर्ट के अनुसार, 8 दिसंबर को अवाडा कंपनी के अधिकारी शिवाजी थोपटे ने विष्णु चाटे की मौजूदगी में परली स्थित अपने कार्यालय में कराड से मुलाकात की। इसके बाद कराड ने थोपटे से दो करोड़ रुपये मांगे, नहीं तो कंपनी बीड जिले में अपना काम बंद कर दे।
आरोपी पुलिसकर्मी पर जांच के आदेश दिए गए हैं
- फोटो : अमर उजाला
'जो भी हमारे रास्ते में आए, उसे खत्म कर दिया जाना चाहिए'
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटना के बाद विष्णु चाटे लगातार संतोष देशमुख को फोन करके धमकाता रहा। इससे पहले 7 दिसंबर को कराड ने कथित तौर पर आरोपी सुदर्शन घुले से कहा था, 'अगर हमारे रास्ते में ऐसी बाधाएं आती हैं, तो कोई भी कंपनी हमें जबरन वसूली के पैसे नहीं देगी। जो भी हमारे रास्ते में आए, उसे खत्म कर दिया जाना चाहिए। जाओ और विष्णु चाटे से बात करो, वह तुम्हारी मदद करेगा।'
हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ 11 मामले दर्ज
रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्या के बाद आरोपी विष्णु चाटे ने अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया, जो इस मामले में एक महत्वपूर्ण सबूत था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुदर्शन घुले और अन्य आरोपी संगठित अपराधों में शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि संतोष देशमुख हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं और उनमें से आठ में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
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