महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 17 अगस्त तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख भी बढ़ाकर 27 अक्टूबर कर दी गई है।
मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से निर्वाचन आयोग से कार्यक्रम में संशोधन का अनुरोध किया गया था। आयोग ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए नया कार्यक्रम जारी किया।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ 17 अगस्त तक घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य पूरा करेंगे। इसके बाद 24 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप सूची जारी होने के बाद मतदाता और राजनीतिक दल 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
निर्वाचन आयोग के अनुसार दावे और आपत्तियां प्राप्त होने के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाएंगे, सुनवाई होगी और सभी मामलों का निस्तारण 22 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि संशोधित कार्यक्रम की जानकारी तत्काल सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। साथ ही टीवी, समाचार पत्रों और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए आम जनता को भी इसकी जानकारी दी जाए। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी कार्यक्रम में हुए बदलाव की सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
यह विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान दूसरी बार है जब समय-सीमा बढ़ाई गई है। इससे पहले 17 जुलाई को भारी बारिश के कारण कार्यक्रम में संशोधन किया गया था। तब घर-घर सत्यापन की अंतिम तिथि 29 जुलाई से बढ़ाकर 8 अगस्त की गई थी, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 17 अगस्त के बजाय 16 सितंबर तक कर दी गई थी तथा अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित किए जाने का कार्यक्रम तय किया गया था। अब एक बार फिर कार्यक्रम में बदलाव करते हुए घर-घर सत्यापन की अंतिम तिथि 17 अगस्त और अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तिथि 27 अक्टूबर निर्धारित की गई है।