महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद विनायक राउत और उनके परिवार को लेकर एक हाई-प्रोफाइल विवाद सामने आया है। ठाणे के कापूरबावड़ी पुलिस थाने में राउत, उनके बेटे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत उनकी 38 वर्षीय बहू गिरिजा राउत ने दर्ज कराई है। बहू का आरोप है कि शादी के बाद से उसे लगातार शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने यह भी दावा किया है कि उस पर कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और अघोरी अनुष्ठान किए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, विनायक राउत ने सभी आरोपों को झूठा और पैसों की वसूली की कोशिश बताया है।
बहू ने क्या-क्या आरोप लगाए?
गिरिजा राउत के अनुसार, उनकी शादी दिसंबर 2017 में विनायक राउत के बेटे गीतेश राउत से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी से पहले परिवार ने पति की चिकित्सकीय स्थिति की जानकारी छिपाई। जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो उनके साथ भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, केन्या और थाईलैंड की यात्राओं के दौरान भी मारपीट की गई।
शिकायत में कहा गया है कि परिवार ने दांपत्य जीवन में कथित बाधा दूर करने के नाम पर दो तांत्रिकों को बुलाया, जिन्होंने उनके साथ अशोभनीय और अघोरी कृत्य किए। बहू ने यह भी आरोप लगाया है कि सास ने उन्हें ऐसी दवाइयां दीं, जिनसे उनका मासिक धर्म प्रभावित हुआ और स्वास्थ्य बिगड़ गया।
गिरिजा राउत ने क्या-क्या कहा?
गिरिजा राउत ने कहा, 'मुझे पहले दिन से ही झूठ बोलकर फंसाया गया। शादी के बाद भी मेरे साथ बुरा बर्ताव जारी रहा, जिसमें अजीबोगरीब, अपमानजनक हरकतें और गलत मेडिकल इलाज शामिल थे। मेरे पति व उनके परिवार के अमानवीय व्यवहार ने मेरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी। इस मामले में नामजद सभी नौ आरोपियों ने मेरी ज़िंदगी बर्बाद करने और मेरे साथ बुरा बर्ताव करने में बराबर की भूमिका निभाई है; इसलिए, कोर्ट और पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें इस अपराध के लिए उचित सजा मिले। यही मेरी गुज़ारिश है और मैं पूरा न्याय चाहती हूं।'
'न तो मेरे परिवार ने और न ही मैंने कभी पैसे की मांग की'
पैसे की मांग के आरोपों पर उन्होंने कहा, 'विनायक राउत (पूर्व शिवसेना UBT सांसद) और उनके परिवार ने मुझ पर और मेरे परिवार पर पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए हैं। न तो मेरे परिवार ने और न ही मैंने कभी पैसे की मांग की। जहां तक कैश गिनने की बात है, घर पर मशीन होने के बावजूद, गितेश हमेशा मुझसे हाथ से ही कैश गिनवाते थे। एक बार तो, जब मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, तब भी उन्होंने मुझसे लगभग 18 लाख रुपये हाथ से गिनवाए। यह बस उनके मनमौजी व्यवहार का हिस्सा था।'
उन्होंने यह भी कहा कि वे जोर देते थे कि मैं हर चीज का इलाज करवाऊं। वे खुद को पूरी तरह से फिट और स्वस्थ बताते थे। यौन और शारीरिक रूप से भी, फिर भी मुझे ही हर तरह के इलाज से गुजरना पड़ता था। एंटी-डिप्रेसेंट से लेकर मासिक धर्म चक्र को ठीक करने वाली दवाओं तक, इन सभी इलाजों से गुजरने के कारण मैं गहरे सदमे में चली गई थी।
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मामले की पांच बड़ी बातें
- 10 जून को एफआईआर: कापूरबावड़ी पुलिस ने गिरिजा राउत की शिकायत पर मामला दर्ज किया।
- कड़ी धाराओं में केस: आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के अंधविश्वास एवं काला जादू विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- इलाज को लेकर आरोप: पीड़िता का कहना है कि उचित चिकित्सा उपचार के बजाय उन्हें होम इनसेमिनेशन (कृत्रिम गर्भाधान) की सलाह दी गई।
- तलाक का मामला पहले से लंबित: विनायक राउत का कहना है कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही अदालत में तलाक का मामला चल रहा है।
- करोड़ों रुपये मांगने का आरोप: राउत का दावा है कि बहू ने पहले 3-बीएचके फ्लैट, कार और पांच करोड़ रुपये मांगे थे। बाद में पांच लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता और 12 करोड़ रुपये की मांग की गई।
विनायक राउत ने क्या-क्या कहा?
पूर्व सांसद विनायक राउत ने बहू के सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनका परिवार किसी भी तरह के तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास में विश्वास नहीं करता। उनके मुताबिक, यह मामला उन्हें और उनके परिवार को बदनाम कर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि शिकायत तलाक के विवाद और धन की मांग से जुड़ी है। फिलहाल पुलिस मामले में दर्ज सभी आरोपों की जांच कर रही है। अभी तक किसी भी पक्ष के आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं और जांच जारी है।