महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधान परिषद की छह सीटों के चुनाव में भाजपा की बुरी पराजय के बाद अब सहयोगी दलों ने भी खिसकना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व पूर्वमंत्री महादेव जानकर की एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात के बाद यह अटकलें तेज हुई हैं।
महादेव जानकार धनगर (गड़ेरिया) समाज के बड़े नेता हैं। वह राष्ट्रीय समाज पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष हैं। पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा इलाके में धनगर समाज की बड़ी संख्या है। इसको देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें महायुति में शामिल किया था। लेकिन जब से धनगर समाज के भाजपा नेता गोपीचंद पडलकर विधान परिषद सदस्य चुने गए हैं। तब से महादेव जानकर देवेंद्र फडणवीस से काफी नाराज हैं। इसलिए उनके महाविकास आघाड़ी में शामिल होने की अटकलें शुरू हैं।
हालांकि, महादेव जानकर की पार्टी से रत्नाकर गुट्टे एकमात्र विधायक हैं। भाजपा ने अपने कोटे से जानकर को विधान परिषद में भेजा और उसके बाद महायुति की सरकार में कैबिनेट मंत्री पद भी दिया। लेकिन, महादेव जानकर की बीते 2 दिसंबर को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से और 3 दिसंबर को शरद पवार से मुलाकात के बाद राजनीतिक गर्म है।
वैसे, महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी की महाविकास आघाड़ी सरकार अस्तित्व में आने के बाद शरद पवार ने पार्टी को मजबूत करने में जुटे है। इसके तहत उन्होंने भाजपा के बरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे को पार्टी में शामिल कर भाजपा को जोर का झटका दिया है। अब तक माना जा रहा था कि पवार की नजर भाजपा के नाराज नेताओं पर है लेकिन महादेव जानकर से मुलाकात के बाद कहा जा रहा है कि भाजपा के सहयोगी दलों पर भी एनसीपी की पैनी नजर है।
जानकर ने माना, फडणवीस से है विवाद
महादेव जानकर ने बुधवार को बारामती में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से उनका विवाद है। लेकिन इस विवाद के बावजूद वह तत्काल एनडीए छोड़ने का फैसला नहीं लेंगे। उन्होंने भाजपा से नाराजगी तो जताई है लेकिन एनडीए छोड़ने से फिलहाल, इनकार किया है। इससे पहले उन्होंने सफाई दी कि विधायक गुट्टे के चीनी मिल को लेकर वह पवार से मिले थे।