न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक गबन की जांच तेज, बयान दर्ज कराने के निर्देश
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक में 122 करोड़ रुपये के गबन की जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कर रही है। जांच के सिलसिले में एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (एआरसी) के प्रबंध निदेशक और सीईओ को एक सप्ताह के भीतर बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने बताया, वित्तीय अनियमितता के कारणों को जानने के लिए ईओडब्ल्यू ने ओमकारा एआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाने का फैसला किया है। एमडी और सीईओ को इसी सप्ताह बुलाया गया है, हालांकि कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है।
पुणे की गर्भवती मौत मामले में नियमों का उल्लंघन उजागर
महाराष्ट्र के पुणे में एक गर्भवती की मौत के मामले में गठित जांच पैनल ने कहा है कि पुणे के अस्पताल ने अग्रिम भुगतान की मांग कर नियमों का उल्लंघन किया। बता दें कि दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल पर 10 लाख रुपये जमा करने के बावजूद गर्भवती को भर्ती न करने का आरोप लगा है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राधाकिशन पवार की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति ने सोमवार को पुणे पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें कहा गया है कि बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए धर्मार्थ अस्पतालों द्वारा अपनाई जाने वाली योजना के अनुसार, किसी आपात स्थिति में, उन्हें रोगी को तुरंत भर्ती करना होगा। न्यायालय ने कहा कि किसी धर्मार्थ अस्पताल को आपातकालीन मरीज के भर्ती होने पर जमा राशि नहीं मांगनी चाहिए।
ठाणे में नसबंदी के दौरान महिला की मौत
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक नागरिक अस्पताल में नसबंदी प्रक्रिया के दौरान जटिलताओं के कारण 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला के परिवार ने अस्पताल पर चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाया है। बता दें कि हादसा 4 अप्रैल को हुआ जब शांति देवी, जो कि कल्याण (पूर्व) के खाडेगोलावली की निवासी थीं, को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, शांति देवी की हालत कमजोर थी, इसलिए उसे रक्त चढ़ाया गया था। डॉक्टरों ने स्थिति में सुधार के बाद 6 अप्रैल को सर्जरी करने का निर्णय लिया, लेकिन एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे पास के एक निजी अस्पताल में भेजने का फैसला किया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।