कुलाधिपति नियुक्त किए गए अर्थशास्त्री डॉ बिबेक देबरॉय
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ बिबेक देबरॉय को पुणे के गोखले राजनीति एवं अर्थशास्त्र संस्थान का कुलाधिपति नियुक्त किया गया है। देबरॉय वर्तमान में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे नीति आयोग के सदस्य थे। देबरॉय को 2015 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर मस्तान-नाका ओवरपास के पास शुक्रवार को एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। पालघर जिले के इस मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला का सिर पत्थर जैसी किसी वस्तु से कुचला गया था।
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मुंबई पुलिस ने मजिस्ट्रेट अदालत में बताया कि वीजा रैकेट मामले में गिरफ्तार दो नौसेना अधिकारी इस गिरोह के सरगना थे। पुलिस ने दोनों की हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद अदालत ने लेफ्टिनेंट कमांडर विपिन डागर और सब लेफ्टिनेंट ब्रह्म ज्योति की हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ा दी। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दावा किया है कि दोनों अफसर एक सिंडिकेट का हिस्सा थे जो दक्षिण कोरिया में अवैध रूप से काम करने के इच्छुक भारतीयों को वीजा दिलाने में मदद करता था। डागर और ज्योति जब विशाखापत्तनम में पदस्थ थे, तब वहां से स्टाम्प बनाने की मशीन खरीदी थी और इसका इस्तेमाल वीजा आवेदनों के लिए आवश्यक जाली दस्तावेज बनाने में करते थे।
पोर्श हादसा: आरोपी किशोर ने सड़क सुरक्षा पर फिर लिखा 300 शब्द का निबंध
नशे की हालत में पोर्श कार से दो इंजीनियरों को रौंदने वाले 17 वर्षीय किशोर चालक को आखिर फिर सड़क सुरक्षा पर 300 शब्द का निबंध लिखकर राहत मिल गई। किशोर ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की जमानत के लिए तय शर्त को बुधवार को पूरा किया। 19 मई को हादसे के कुछ घंटे बाद ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सबसे पहले उसे सड़क सुरक्षा पर निबंध लिखकर देने की शर्त पर जमानत दी थी। हाई प्रोफाइल केस में इस तरह राहत मिलने पर देशभर में विरोध हुआ। पुणे पुलिस ने जमानत आदेश में संशोधन की मांग करते हुए जेजेबी का रुख किया था। 22 मई को बोर्ड ने किशोर को सुधार गृह भेजने का आदेश दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी के रिश्तेदार की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए 25 जून के आदेश में किशोर को सुधारगृह में रखने के फैसले को गैरकानूनी बताते हुए जेजेबी की लगाई शर्तों के आधार पर उसे जमानत दी थी। इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया था।