महाराष्ट्र में 18 जून को होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में राज्य मंत्री छगन भुजबल, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और धनंजय मुंडे मौजूद रहे। एनसीपी ने महायुति गठबंधन के भीतर रायगढ़, पुणे और परभणी की तीन सीटों की मांग की है। भुजबल ने बताया कि भाजपा और शिवसेना के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और शनिवार तक तस्वीर साफ हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि रायगढ़ सीट एनसीपी को मिलती है तो वहां उम्मीदवार का नाम लगभग तय है, जबकि बाकी दो सीटों पर फैसला गठबंधन की सहमति के बाद होगा। विधान परिषद की 17 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है क्योंकि मौजूदा सदस्यों का छह साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है, जबकि मतदान 18 जून और मतगणना 22 जून को होगी। स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि इस चुनाव में मतदाता होंगे।
नागपुर में भाजपा नेता को मिली धमकी
महाराष्ट्र के नागपुर में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता जमाल अनवरुल हक सिद्दीकी को धमकी भरे व्हाट्सऐप संदेश मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सिद्धीकी को बुधवार शाम एक अज्ञात मोबाइल नंबर से संदेश भेजा गया। संदेश भेजने वाले ने कथित तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने के लिए बम विस्फोट करने की साजिश का दावा किया और इसके लिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता मांगी।
आरोपी ने यह भी धमकी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर रकम नहीं दी गई तो सिद्धीकी और उनके परिवार के सदस्यों को गोली मार दी जाएगी। शिकायत मिलने के बाद सक्करदरा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके इरादों की जांच के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं।
नस्रापुर दुष्कर्म-हत्या मामला- अदालत में गवाही देते वक्त रो पड़े पीड़िता के माता-पिता
महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर गांव में साढ़े तीन साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या मामले की सुनवाई शुक्रवार से शुरू हो गई। इस दौरान पीड़िता के माता-पिता अदालत में गवाही देते समय भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक सके। मामले के आरोपी भीमराव प्रभाकर कांबले के खिलाफ विशेष अदालत में एक दिन पहले ही आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि वह कुल 82 गवाह पेश करेगा। साथ ही आरोपी पर सबूत नष्ट करने का अतिरिक्त आरोप जोड़ने की मांग भी की गई।
शुक्रवार को पीड़िता के माता-पिता सहित छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इनमें पंचनामा से जुड़े गवाह और बच्ची की तलाश में शामिल स्थानीय ग्रामीण भी शामिल थे। अदालत में घटना से जुड़े फोटो और सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने पर कई गवाह भावुक हो गए। दो गवाहों ने सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की पहचान की, जबकि तीन ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश अभियान में शामिल होने की पुष्टि की। यह घटना 1 मई को हुई थी और पूरे महाराष्ट्र में भारी आक्रोश का कारण बनी थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रोजाना सुनवाई का आदेश दिया है ताकि जल्द न्याय मिल सके।
महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 33 गिरफ्तार, 27 प्रतिष्ठान सील
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने तीन दिवसीय राज्यव्यापी अभियान के दौरान खाद्य मिलावट के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 27 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने बताया कि यह विशेष अभियान 25 से 27 मई के बीच राज्य के छह प्रशासनिक प्रभागों में चलाया गया। इस अभियान के दौरान 20.67 लाख रुपये से अधिक के माल को जब्त भी किया गया।
जारी की गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री, मिलावटी खाद्य पदार्थ, असुरक्षित खाद्य निर्माण इकाइयां और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना था। एफडीए की टीमों ने गुटखा, पान मसाला और अन्य निषिद्ध उत्पादों के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाइयों का भी निरीक्षण किया।
मुंडे ने बताया, "कुल 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 27 प्रतिष्ठानों को सील किया गया और 20.57 लाख रुपये से अधिक के माल को जब्त किया गया। हम बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करेंगे और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।"