महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के वीआईपी वेटिंग रूम में रखे पुराने और खटमल से भरे सोफों को बदलने के आदेश का पालन न करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने नांदेड़ के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) को कारण बताओ नोटिस जारी कर अवमानना की चेतावनी दी है। 20 मई को बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस मंजूषा देशपांडे और उनके पति ने छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम का दौरा किया था। वहां रखे सोफे बहुत पुराने थे और उनमें भारी मात्रा में खटमल भरे हुए थे। उन्होंने इस बात की जानकारी स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट को दी थी। इसके बाद, औरंगाबाद जिला एवं सत्र अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट एसएम अहेर ने 20 मई को ही नांदेड़ के डीआरएम को ईमेल भेजकर वीआईपी रूम में तुरंत पेस्ट कंट्रोल कराने और पुराने सोफों को नए सोफों से बदलने का निर्देश दिया था। मजिस्ट्रेट ने कहा कि वीआईपी रूम की स्थिति इतनी खराब और असहनीय है कि बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के 15 से अधिक जजों को ट्रेन का इंतजार करते समय वीआईपी रूम के बजाय अपनी गाड़ियों के अंदर बैठकर समय बिताना पड़ता है। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी जब सोफे नहीं बदले गए और स्थिति जस की तस रही, तो 19 सितंबर को मजिस्ट्रेट ने इसे अदालत के निर्देशों की खुली अवहेलना करार दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डीआरएम को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वे 30 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हों और स्पष्ट करें कि उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
महाराष्ट्र के बीड में वैवाहिक कलह से परेशान युवक ने की आत्महत्या
महाराष्ट्र के बीड शहर में मंगलवार तड़के एक 33 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि वह वैवाहिक कलह से परेशान था। मृतक दत्तात्रेय उत्तरेस्वर दोइफोडे केज तहसील के कसारी गांव का निवासी था। पुलिस के अनुसार, दोइफोडे पत्नी के अलग रहने और साथ न आने से पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। सोमवार रात वह संत नामदेव नगर में अपनी बहन के घर रुका था। सभी के सो जाने पर उसने यह कदम उठाया। मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे परिवार ने उसे घर में फांसी पर लटका पाया। शिवाजीनगर पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा किया और शव सिविल अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच में पत्नी से अलगाव को आत्महत्या का कारण बताया गया।