नवी मुंबई की निजी आई अस्पताल में गैरकानूनी ऑपरेशन
नवी मुंबई के वाशी इलाके में एक नामी आई अस्पताल में बिना लाइसेंस के ऑपरेशन करने के कारण पांच मरीजों को गंभीर आंखों का संक्रमण हुआ है। पुलिस ने इस मामले में ऑपरेशन करने वाले दो नेत्र चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ये ऑपरेशन दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच हुए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपित डॉक्टरों ने जल्दबाजी और लापरवाही से ऑपरेशन किए, जिससे पांच मरीजों की आंखों में गंभीर चोट लगी। इनमें 65 साल से ऊपर की एक दंपती भी शामिल हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों को स्यूडोमोनास नामक वायरस से संक्रमण हुआ।
पुलिस ने बताया कि इन डॉक्टरों ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल से अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया था, फिर भी उन्होंने ऑपरेशन किए। सिविल सर्जन की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सोमवार को दोनों डॉक्टरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 125(ए), 125(बी) और 3(5) के तहत और नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है।
मुंबई में महिला से आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी
मुंबई में एक महिला को धोखेबाजों ने करीब 8 लाख रुपये ठगे। महिला को बताया गया था कि उसके पास जो 100 रुपये का नोट है, जिसका सीरियल नंबर ‘786’ है, और 25 पैसे का एक सिक्का है, जिस पर एक सींग वाला गैंडा बना है, उसके बदले में उसे हर एक नोट या सिक्के के लिए 6 लाख रुपये मिलेंगे। 49 साल की महिला, जो दक्षिण मुंबई के माजगांव की रहने वाली है, पुराने नोट और सिक्के इकट्ठा करती है। एक व्यक्ति ने फेसबुक पर विज्ञापन दिया था, जिसमें पुराने नोट और सिक्कों पर अच्छे दाम देने का दावा किया गया था। महिला ने उससे संपर्क किया।
महिला ने उस व्यक्ति को बताया कि उसके पास ‘786’ नंबर वाला 100 रुपये का नोट और 25 पैसे का गैंडा वाला सिक्का है, जो बहुत ही खास और दुर्लभ माना जाता है। उस व्यक्ति ने महिला को हर एक नोट और सिक्के के लिए 6 लाख रुपये देने का वादा किया और कहा कि नियमों के तहत उसे पंजीकरण शुल्क, GST और अन्य खर्च भी जमा करने होंगे। महिला ने विभिन्न बैंक खातों में कुल मिलाकर 8.4 लाख रुपये से ज्यादा जमा कर दिए। बाद में जब उसे धोखा समझ आया, तो उसने सोमवार को पुलिस में शिकायत की।
महाराष्ट्र के पलघर में 2016 के हत्या मामले का आरोपी पंजाब से गिरफ्तार
पुलिस ने बुधवार को बताया कि महाराष्ट्र के पलघर जिले में 2016 में हुई एक हत्या के आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी शंकर जगदीश मुखिया उर्फ समोसेवाला पिछले तीन साल से फरार था। पुलिस ने कहा कि मुखिया ने पकड़े जाने से बचने के लिए अपने नाम और पहचान बार-बार बदली।
मुखिया को नालासोपारा इलाके में 15 सितंबर 2016 को दिलीप बसनेट की हत्या के आरोप में सजा सुनाई गई थी। पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक समीर अहिराओ के अनुसार, यह घटना तब हुई थी जब आरोपी ने अपनी पत्नी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर बसनेट पर तेजधार हथियार से हमला किया था। वालिव पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया था और बाद में अदालत ने मुखिया को सजा सुनाई थी, लेकिन जेल की सजा कितनी दी गई, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
मुखिया को कोविड-19 के दौरान 2022 में ठाणे सेंट्रल जेल से पैरोल पर रिहा किया गया था। लेकिन 7 मई 2022 को पैरोल खत्म होने के बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और फरार हो गया। इसके बाद उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 224 (कानूनी गिरफ्तारी में रुकावट या प्रतिरोध) के तहत भी मामला दर्ज किया गया। हाल ही में विश्वसनीय जानकारी मिलने पर पुलिस की एक विशेष टीम पंजाब भेजी गई, जहां आरोपी को शहीद भगत सिंह नगर जिले से गिरफ्तार किया गया।
गणेश उत्सव को लेकर गणेश मंडलों ने उठाई ये मांग
पुणे में गणेश उत्सव को लेकर इस बार कुछ गणेश मंडलों ने परंपरा से हटकर अपनी विसर्जन यात्रा पहले शुरू करने की मांग की है। इन मंडलों का कहना है कि हर साल परंपरागत रूप से ‘मानाचें गणपति’ (सम्माननीय 5 प्रमुख मंडल) पहले विसर्जन यात्रा निकालते हैं, जिसके कारण अन्य मंडलों को देर रात तक इंतज़ार करना पड़ता है।
पुलिस के साथ हुई बैठक
मंगलवार को पुणे पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दो अहम बैठकें हुईं, जिसमें एक आम गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ और दूसरी ‘मानाचें गणपति’ मंडलों के साथ। मामले में एक गणेश मंडल के पदाधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अगर हम हर साल की तरह मानाचें गणपति का इंतजार करेंगे, तो आधी रात तक नंबर ही नहीं आएगा। हम चाहते हैं कि हमें सुबह 7 बजे से ही अन्य रास्तों से विसर्जन यात्रा शुरू करने की इजाजत मिले।
सावरकर सदन को हेरिटेज घोषित करने की तैयारी, बीएमसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट को दी जानकारी
बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कोर्ट को बताया कि उसकी विरासत संरक्षण समिति ने हाल ही में एक बैठक की है। इस बैठक में दादर स्थित सावरकर सदन को विरासत (हेरिटेज) दर्जा देने पर चर्चा की गई और जल्द ही इसकी सिफारिश महाराष्ट्र सरकार को भेजी जाएगी। बता दें कि सावरकर सदन, हिंदुत्व विचारक वीर विनायक दामोदर सावरकर का पूर्व निवास स्थान है, जो दादर के शिवाजी पार्क इलाके में स्थित है। 2010 में BMC ने इसे हेरिटेज घोषित करने की सिफारिश की थी, लेकिन 2012 में मंत्रालय में लगी आग में संबंधित फाइलें नष्ट हो गई थीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मुद्दे को दोबारा उठाया।
हाईकोर्ट का निर्देश
कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश अलोक अराधे और न्यायमूर्ति संदीप मर्ने की पीठ ने बीएमसी से कहा कि वह इस मामले में हलफनामा दाखिल करे। कोर्ट ने अगले तीन हफ्तों में सुनवाई की नई तारीख दी है और तब तक के लिए सावरकर सदन पर किसी भी पुनर्विकास कार्य पर रोक जारी रखने का आदेश दिया है।
गढ़चिरौली के हेडरी इलाके में एक निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने हार्ट अटैक पीड़ित एक पुलिसकर्मी को हेलिकॉप्टर से नागपुर पहुंचाकर उसकी जान बचाई। घटना 2 अगस्त की है। एसआरपीएफ ग्रुप-II में तैनात पुलिस नायक राहुल साहेबराव गायकवाड़ (37) को सीने में दर्द की शिकायत पर लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी (एलएमईएल) के काली अम्माल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई और उन्हें तुरंत नागपुर भेजने की सलाह दी गई।