महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को गैर-सरकारी सहायता प्राप्त वरिष्ठ महाविद्यालयों में 5,012 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती को मंजूरी दे दी। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे साक्षात्कार की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, इन पदों को राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में अक्टूबर 2025 तक छात्रों की संख्या और शिक्षण कार्यभार के आधार पर मंजूरी दी गई है।
शासनादेश में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर आवश्यक अतिरिक्त निर्देश जारी करने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार, महाविद्यालयों को भर्ती के विज्ञापन जारी करने से पहले संबंधित विश्वविद्यालय से मंजूरी लेनी होगी। इन विज्ञापनों को एक राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र और एक राज्य स्तरीय समाचार पत्र में प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जा सकेंगे। उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर तैयार की जाएगी। भर्ती में सामाजिक और समानांतर आरक्षण की नीतियों का भी पालन करना होगा।
महाराष्ट्र के 262 नागरिक नेपाल-चीन में फंसे, 144 की सुरक्षित वापसी
महाराष्ट्र के 262 नागरिक नेपाल और चीन के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं, जबकि 144 नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। राज्य सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ मिलकर 64 ऐसे लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है, जिनसे अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें ‘रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए यात्रा करने वाले 60 नागरिक शामिल हैं। चार अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन उनसे भी संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। भारत लौटे 144 नागरिकों में 105 लोग 28 अगस्त को नागपुर पहुंचे, जबकि 39 लोग शनिवार और रविवार को मुंबई पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 69 नागरिकों ने कोदारी इमिग्रेशन सेंटर के जरिए चीन-नेपाल सीमा पार कर नेपाल में प्रवेश किया था और उनके 31 अगस्त तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। सरकार को अन्य भारतीय नागरिकों की सूची भी मिली है और उनकी जानकारी की पुष्टि के लिए MEA के साथ समन्वय किया जा रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई बाढ़ से कई जिलों में भारी तबाही हुई। नेपाल के NDRRMA के अनुसार, सोमवार तक आपदा में 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,000 से ज्यादा लोग लापता हैं।