महाराष्ट्र के कल्याण में सोमवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की महापौर हर्षाली चौधरी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नगरसेवक प्रल्हाद म्हात्रे को सामान्य निकाय की बैठक में 'अभंग' पढ़ने से रोक दिया। इस बात पर बैठक में हंगामा हो गया। म्हात्रे अपनी बात शुरू करने के लिए अक्सर अभंग का पाठ करते हैं। यह घटना कल्याण पश्चिम के सहजानंद चौक में दो नगर निगम के व्यावसायिक परिसरों के पट्टे से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हुई। म्हात्रे ने तर्क दिया कि 10,39,000 रुपये मूल्य की संपत्ति को केवल 59,056 रुपये के वार्षिक किराए पर पट्टे पर दिया जा रहा था। जब म्हात्रे ने महापौर से अभंग के साथ अपनी बात शुरू करने के लिए कुछ सेकंड मांगे, तो महापौर ने सदन की घंटी बजाई। उन्होंने म्हात्रे को अभंग छोड़कर सीधे विषय पर आने का निर्देश दिया। महापौर के इस कदम का शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने विरोध किया, जो KDMC में MNS की सहयोगी है। महापौर के निर्देश पर सचिव किशोर शेलके ने प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया। बाद में, म्हात्रे ने पट्टे के मुद्दे पर नागरिक प्रमुख को औपचारिक शिकायत प्रस्तुत की।
उल्हासनगर में मेयर और भाजपा विधायक के बीच विसर्जन को लेकर विवाद
ठाणे के उल्हासनगर में गणेश उत्सव के दौरान प्रतिमा विसर्जन को लेकर विवाद की स्थिति देखी गई। रीजेंसी एंटीलिया स्थल पर विसर्जन को लेकर विवाद के बाद यहां प्रतिमा के साथ अस्थि विसर्जन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। शिवसेना के महापौर अश्विनी कमलेश निकम के निर्देशों पर कदम उठाए गए। इस फैसले के कारण नागरिक अधिकार क्षेत्र, पर्यावरण मानदंडों और स्थानीय धार्मिक विसर्जन स्थलों के प्रबंधन को लेकर स्थानीय भाजपा विधायक कुमार ऐलानी और शिवसेना के महापौर के बीच सीधा राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया।