महाविकास अघाड़ी के नेता
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नामांकन वापस न लेने पर बागी नेताओं पर कार्रवाई
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पांच बागी नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया। पांचों ने 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन वापस नहीं लिए थे। इन नेताओं में भिवंडी पूर्व के विधायक रूपेश म्हात्रे, विश्वास नांदेकर, चंद्रकांत घुगुल, संजय अवारी और प्रसाद ठाकरे शामिल हैं।
दरअसल, महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी) से 14 नेताओं ने पार्टी के आदेश की अवहेलना करते हुए नामांकन दाखिल किया था। सोमवार की समय सीमा तक अपना नामांकन वापस लेने वालों में कांग्रेस के मुख्तार शेख भी शामिल थे, जिन्होंने पुणे के कस्बा पेठ विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन वापस ले लिया और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार रवींद्र धांगेकर को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
कांग्रेस उम्मीदवार ने वापस लिया नाम
कोल्हापुर उत्तर से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में राजपरिवार की मधुरिमा राजे छत्रपति के समय सीमा से कुछ मिनट पहले नाम वापस ले लिया। इससे पार्टी ने पश्चिमी महाराष्ट्र के अपने गढ़ में प्रतिनिधित्व खो दिया। उन्हें पूर्व पार्षद राजेश लाटकर के स्थान पर टिकट दिया गया था।
कांग्रेस के सात बागियों ने नामांकन वापस लिया
जिन सात कांग्रेस बागियों ने अपना नामांकन वापस लिया, उनमें नासिक सेंट्रल से हेमलता पाटिल, बायकुला से मधु चव्हाण और नंदुरबार से विश्वनाथ वाल्वी शामिल हैं। केवल दो एनसीपी (एसपी) बागी मैदान में हैं।
हम अपने फैसले पर अड़े हुए: नवाब मलिक पर प्रफुल्ल
एनसीपी नेता और मानखुर्द शिवाजी नगर से उम्मीदवार नवाब मलिक के बारे में पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि नवाब मलिक हमेशा से हमारे साथी रहे हैं। उनके खिलाफ आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं। आरोप साबित होने या फैसला आने के बाद ही हमें इस बारे में सोचना चाहिए। हर पार्टी में ऐसे लोग होते हैं जिनके खिलाफ कोई न कोई कार्रवाई होती है, उनमें से कुछ मुख्यमंत्री भी हैं। यहां तक कि मौजूदा सीएम भी। इसलिए मैं कहता हूं कि हमने उन्हें टिकट दिया है क्योंकि वे हमारे पुराने साथी हैं। अगर किसी को इससे अलग लगता है तो यह अलग बात है, लेकिन हम अपने फैसले पर अड़े हुए हैं।
हीना गावित ने भाजपा से दिया इस्तीफा
भाजपा से इस्तीफा देने और निर्दलीय उम्मीदवारी पर हीना गावित ने कहा कि मैंने अक्कलकुवा विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है और इसलिए मैंने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैंने यह इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मेरे कारण महायुति नेताओं को कोई परेशानी हो। नंदुरबार निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के नेता और पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हैं। मैंने अपने नेता देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना नेताओं को भी यह बात बताई है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव राज्य से प्रेम करने वालों और उससे नफरत करने वालों के बीच की लड़ाई है। कोल्हापुर के राधानगरी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि जो लोग राज्य से प्रेम करते हैं, वे विपक्षी महा विकास आघाडी के साथ हैं, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार की राकांपा (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं।
उन्होंने कहा, आगामी चुनाव राज्य से प्यार करने वालों और उससे नफरत करने वालों के बीच की लड़ाई है।उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर सत्ता के लिए लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा की मदद करने वाले “राज्य के दुश्मन” हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होंगे और मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।