केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के प्रमुख रामदास अठावले ने रविवार को आरक्षण का विरोध करने वालों पर राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरक्षण को सांविधानिक अधिकार बताया। अठावले ने कहा कि आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरक्षण प्रणाली में बदलाव या उसे हटाने के अभियानों का भी आरोप लगाया। अठावले के अनुसार, "आरक्षण का विरोध संविधान का विरोध है।" उन्होंने जोर दिया कि आरक्षण को समाप्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह एक सांविधानिक अधिकार है। इधर, दिल्ली पुलिस ने रविवार को जंतर मंतर पर आरक्षण सुधारों को लेकर किसी भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर लोगों को वहां इकट्ठा न होने की चेतावनी दी। जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ नारे लगाते हुए जमा हुए थे। प्रदर्शनकारी सरकारी सहायता और आरक्षण के लिए जाति के बजाय आर्थिक मानदंडों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे थे।
नर्सिंग परीक्षा के बीच में पेपर की खींची फोटो, परभणी में 5 गिरफ्तार
महाराष्ट्र के परभणी में एक नर्सिंग स्कूल में परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद एक परीक्षा सुपरवाइजर ने अपने मोबाइल फोन से पेपर की फोटो खींची और उसे अपनी बहन को भेज दिया। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि यह वाकया शुक्रवार को इंदिरा गांधी एएनएम नर्सिंग स्कूल में फर्स्ट-ईयर जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कोर्स की परीक्षा के दौरान हुई। परभणी के परीक्षा केंद्र पर तैनात राखी चव्हाण ने सुबह 10:30 बजे परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद अपने मोबाइल फोन से पेपर की फोटो ली और उसे व्हाट्सएप के जरिये अपनी बहन रानी चव्हाण को भेज दिया। सेंट्रल इंस्पेक्टरों की जांच के दौरान इस गड़बड़ी का पता चला। परीक्षा के दौरान पेपर को परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाए जाने का शक होने पर सेंटर इंस्पेक्टर ने महिला परीक्षा सुपरवाइजर की तलाशी ली और उनके मोबाइल फोन की जांच करने पर पेपर की फोटो मिली। पुलिस ने इस मामले में राखी, उनकी बहन रानी, प्रतीक्षा किरण खिल्लारे, ईश्वर बाराबोइना और दिलीप बोरकर को गिरफ्तार किया।