फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: नागपुर के कोराड़ी देवी मंदिर हादसे में 17 घायल; निर्माणाधीन ढांचा गिरने से मलबे में फंसे कई मजदूर

Sat, 09 Aug 2025 10:37 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

नागपुर के कोराड़ी देवी मंदिर में रविवार को निर्माणाधीन गेट का हिस्सा गिरने से 17 मजदूर घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। हादसे के बाद पुलिस और एनडीआरएफ ने तुरंत बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और घटना की जांच जारी है।

विज्ञापन
कोराड़ी देवी मंदिर हादसे पर मौजूद एनडीआरएफ - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नागपुर के कोराड़ी देवी मंदिर परिसर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के निर्माणाधीन गेट का हिस्सा अचानक ढहने से 17 मजदूर घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने का काम जारी है और घटना की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


यह हादसा नागपुर के खापरखेड़ा से कोराड़ी मंदिर मार्ग पर तब हुआ, जब मंदिर के मुख्य द्वार का निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मजदूर ढांचे के नीचे काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज कंपन के बाद पूरी संरचना गिर पड़ी। घटना के समय करीब 20 लोग काम पर थे, जिनमें से 17 घायल हो गए। गेट का गिरना इतना तेज और अचानक था कि मजदूरों को संभलने का समय नहीं मिला।
 

बचाव अभियान में जुटी टीमें
नागपुर डीसीपी निकेतन कदम ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर कृपाल मूले के अनुसार, जब टीम वहां पहुंची तो ढांचा पूरी तरह गिर चुका था। पहले शारीरिक खोज की गई, फिर डॉग स्क्वाड से तलाश की गई। फिलहाल किसी के मलबे में फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही अंतिम बयान दिया जाएगा।
विज्ञापन

 

घायलों की स्थिति
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, तीन मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका विशेष इलाज चल रहा है। बाकी घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। प्रशासन ने घायलों और उनके परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।

ये भी पढ़ें- आरजी कर केस: 'पुलिस ने बिना उकसावे के मारपीट की, चूड़ियां तोड़ दीं...', पीड़िता की मां का आरोप
विज्ञापन


जांच और शुरुआती कारण
अधिकारियों का कहना है कि हादसा संभवतः निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के कंपन की वजह से हुआ। इससे ढांचे की स्थिरता कमजोर हुई और पूरी संरचना एक साथ गिर पड़ी। घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मलबा करीब 4-5 फुट ऊंचा है और पूरी तरह हटाने में समय लग सकता है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है ताकि आगे कोई हादसा न हो।




 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें