महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी। सूत्रों का दावा है कि ठाकरे ने पीएम मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। दरअसल उद्धव ठाकरे के विधान परिषद में राज्यपाल नामित सदस्य के तौर पर नियुक्ति का निर्णय फिलहाल राजभवन में लंबित है। सूत्रों का कहना है कि ठाकरे ने पीएम मोदी से इस बारे में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से बात कर अपना रास्ता साफ कराने का आग्रह किया है।
महाराष्ट्र में राज्य सरकार को समर्थन दे रही चार छोटी पार्टियों के नेता बुधवार को राज्यपाल कोश्यारी से मिलने पहुंचे। इन नेताओं ने राज्यपाल से गुहार लगाई कि वे सीएम ठाकरे को विधान परिषद में नामित करने के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लें। राज्यपाल को सौंपे संयुक्त पत्र में पिजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी, जनता दल (एस), स्वाभिमानी शेतकारी संगठन और आरपीआई (एस) के नेताओं ने आग्रह किया है।
राज्यपाल कोश्यारी ने मंत्रिमंडल की सिफारिश पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसे में यदि वह प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं तो ठाकरे के पास केवल दो विकल्प बचेंगे। पहला, तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने के बाद आयोग विधान परिषद की खाली सीटों के लिए चुनाव की घोषणा करे और 28 मई से पहले प्रक्रिया खत्म करके नतीजे घोषित करे।दूसरा, चुनाव न होने की स्थिति में ठाकरे को अपने पद से इस्तीफा देना होगा और दोबारा पद की शपथ लेनी होगी। इससे उन्हें दोबारा छह महीने का वक्त मिल जाएगा। हालांकि इसमें पेंच यह है कि मुख्यमंत्री के साथ पूरे मंत्रिमंडल को भी इस्तीफा देना होगा और उन्हें भी दोबारा शपथ लेनी होगी।