महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई के एक सार्वजनिक शौचालय में रासायनिक रिसाव के कारण दम घुटने से हुई दो युवकों की मौत के सिलसिले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
पुलिस ने क्या बताया?
घटना की जानकारी देते हुए वनराई पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल शेख ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, 'परसों गणपति विसर्जन के बाद, ग्रुप के करीब 8-10 सदस्य खाना खाने के बाद रात करीब 2:30 बजे उस जगह के पास बैठे थे। इसी दौरान, दो युवकों को पेशाब करने की जरूरत महसूस हुई। वे पास के एक पब्लिक टॉयलेट में चले गए। जब वे वापस नहीं आए, तो दूसरों ने टॉयलेट में जाकर देखा और उन्हें बेहोश पाया।
पुलिस को सूचना दी गई और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जांच के दौरान, घटनास्थल पर एक गंध महसूस हुई। पूछताछ में पता चला कि पास में ही इलेक्ट्रोप्लेटिंग की एक छोटी फैक्ट्री है जहां कुछ खास केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं। शक है कि वहां से ड्रेनेज सिस्टम में केमिकल छोड़े गए, जिससे जहरीली गैस फैल गई। पोस्टमार्टम किया गया है। हमने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
एमपीसीबी ने किया दौरा
सायन स्थित महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) की अधिकारी मधुरिमा जोशी और उनकी टीम ने उस जगह का दौरा और निरीक्षण किया। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने हवा और प्रदूषण की गुणवत्ता को 24 घंटे लगातार मापने के लिए उस जगह पर एक प्रदूषण निगरानी उपकरण भी लगाया है।
यह घटना कहा की है?
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, यह घटना राम मंदिर (पूर्व) में मृणालताई ब्रिज के पास पारसी पंचायत गेट के सामने हुई। पीड़ितों की पहचान प्रभाकर धनीवर (24) और भाविन देसाई (18) के तौर पर हुई है। उन्हें ट्रॉमा केयर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी देते हुए डीसीपी गजानन राजमाने (जोन 12) ने कहा, 'साई इलेक्ट्रोप्लेट नाम की केमिकल की दुकान से केमिकल लीक हुआ, जिससे दम घुटने से दो युवकों की मौत हो गई। यह दुकान नवीनचंद्र चावड़ा की है।'
मृतकों के दोस्त ने क्या बताया?
घटना के डरावने मंजर को याद करते हुए, मृतकों के दोस्त रोहित वैरागी ने बताया कि यह घटना रात 2:30 बजे से 3:00 बजे के बीच हुई। उन्होंने बताया कि खाना खाने के बाद वे सभी दोस्त ब्रिज के नीचे इकट्ठा हुए थे। वैरागी ने कहा, 'प्रभाकर और भाविन दोनों वॉशरूम गए थे। आधे घंटे बाद भी जब वे वापस नहीं आए, तो हमने उन्हें 15 से 20 बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए हम उन्हें देखने गए।'
बचाव की कोशिश के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'एक दरवाजा खुला था। हमने उनमें से एक को अंदर बेहोश हालत में देखा। हमने उसे बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल ले गए। दूसरा दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए हमने उसे तोड़कर खोला, दूसरे युवक को बाहर निकाला और उसे भी अस्पताल ले गए। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।' वैरागी ने इलाके में केमिकल लीकेज की गंभीरता का भी जिक्र किया और अपने शरीर पर हुए रैशेज (त्वचा पर चकत्ते) दिखाए।