ठाणे के मुंब्रा में गैस सिलेंडर फटने से लगी आग ने विकराल रूप ले लिया था, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष ने अपनी जान दांव पर लगा दी। जलती हुई चौथी मंजिल में घुसकर उन्होंने न केवल बिजली काटी, बल्कि अपनी सूझबूझ से दर्जनों परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मुंब्रा इलाके में शनिवार को एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। यह आग अमृतनगर के एमके कंपाउंड स्थित एक रिहायशी इमारत की चौथी मंजिल पर लगी थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया। लेकिन इस संकट के समय ठाणे नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अशरफ शानू पठान ने अपनी जान की परवाह किए बिना जो साहस दिखाया, उसने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
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दो बजे के करीब लगी थी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब दो बजे फ्लैट में आग लगी। आग लगने की वजह गैस सिलेंडर के पाइप का फटना बताया जा रहा है। देखते ही देखते सिलेंडर आग के गोले में तब्दील हो गया। लपटें तेजी से फैल रही थीं। पास ही बिजली की वायरिंग और मीटर लगे थे। इससे शॉर्ट-सर्किट होने और आग के पूरी इमारत में फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
अशरफ शानू पठान ने लोगों को बाहर निकाला
जैसे ही इस घटना की सूचना एनसीपी शरद पवार नेता अशरफ शानू पठान को मिली, वे बिना देरी किए मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम अभी रास्ते में ही थी, उससे पहले ही पठान ने कमान संभाल ली। वे खुद जलती हुई इमारत के भीतर दाखिल हुए। उन्होंने सबसे पहले मुख्य बिजली आपूर्ति यानी मेन पावर सप्लाई को बंद किया। इसके बाद उन्होंने वहां फंसे निवासियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने प्रभावित घर से कीमती सामान को भी सुरक्षित बाहर निकलवाया।
दमकल विभाग ने आग पर पाया काबू
दमकल विभाग के कर्मचारी कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख यासीन तड़वी ने कहा कि फायरमैन के पहुंचने से पहले ही पठान ने बिजली काट दी थी और लोगों को बाहर निकाल लिया था। वहीं, अशरफ शानू पठान ने कहा, 'हमने केवल अपना कर्तव्य निभाया है। इसके लिए श्रेय लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।'