वहीं अदालत में अजित पवार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि मैं ही एनसीपी हूं। जी हां, मैं ही एनसीपी हूं। (इस पर अदालत परिसर में हंसी गूंजी उठी) विधायक मेरे साथ हैं। जैसे भी हो इस मामले का हल निकले। विधायक करें या फिर अदालत तय करे।
मनिंदर सिंहने कहा कि जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई है वो कानूनी तौर पर सही है। फिर विवाद क्यों? यदि बाद में कोई स्थिति बनी है तो इसे राज्यपाल देखेंगे। इसे उनके ऊपर छोड़ा जाए। अदालत इसमें दखल क्यों दे।
किसके कहने पर राष्ट्रपति शासन हटाया गया: सिब्बल
शिवसेना की तरफ से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पूछा कि ऐसा क्या राष्ट्रीय आपातकाल था कि राष्ट्रपति शासन को सुबह 5.17 पर निरस्त करके सुबह 8 बजे शपथ दिलाई गई? राष्ट्रपति शासन को सुबह 5.17 बजे हटाया गया जिसका मतलब है कि 5.17 से पहले सब कुछ हुआ।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने किसके कहने पर राष्ट्रपति शासन हटाया? बहुमत परीक्षण से आपत्ति क्यों? कैबिनेट ने कब राष्ट्रपति शासन हटाने की मंजूरी दी? सदन में तुरंत बहुमत परीक्षण कराया जाना चाहिए। पूरी कार्रवाई शक के घेरे में है। उस आपातकाल का अदालत में खुलासा करें। पोटेम स्पीकर बनाकर तुरंत बहुमत परीक्षण हो।