26/11 हमले में शहीद हुए राहुल महाराष्ट्र के राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) में कांस्टेबल थे। मुंबई पर हुए आतंकी हमले के दौरान ताज होटल को आतंकियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए होटल में घुसने वाले पहले शख्स थे।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का सुल्तानपुर गांव अब राहुल नगर के रूप में जाना जाएगा। 26/11 हमले के दौरान आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए राहुल शिंदे को उनके गांव के लोगों ने गांव का नाम बदलकर श्रद्धांजलि दी है। राहुल महाराष्ट्र के राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) में कांस्टेबल थे।
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मुंबई पर हुए आतंकी हमले के दौरान ताज होटल को आतंकियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए होटल में घुसने वाले पहले शख्स थे। होटल में घुसते ही उनकी आतंकियों से मुठभेड़ हुई और उन्होंने एक आतंकी को ढेर कर दिया, लेकिन इसी बीच उन पर दूसरे आतंकी ने हमला कर दिया। राहुल को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।
स्मारक भी बनाया
सुभाष शिंदे ने बताया, मुंबई नगर निकाय से मिले 10 लाख रुपये से राहुल का स्मारक बनवाया। युवाओं को देशप्रेम से ओतप्रोत रहना चाहिए और जब जरूरत हो, तो देश के लिए बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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आज की जाएगी औपचारिक घोषणा
हमले की 14वीं बरसी की पूर्व संध्या पर राहुल के पिता सुभाष शिंदे ने बताया, उनके गांव का नाम बदलकर कर राहुल नगर करने के लिए सभी सरकारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। 26 नवंबर को इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, यह बेटे के बलिदान को मान्यता व सम्मान देने वाला बड़ा कदम है, जिससे पूरा गांव खुश है।