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महाराष्ट्र: 2.06 करोड़ मतदाताओं के कटे थे नाम, मतदाता सूची में फिर से जुड़वाने का मौका; जानें पूरी प्रक्रिया

Sat, 07 Nov 2026 09:18 AM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों के नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में हटाए गए थे, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने का अवसर दिया गया है। चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं से अपने निवास क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करने और गणना फॉर्म जमा करने को कहा है।
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चुनाव आयोग ने बताई दोबारा नाम जुड़वाने की प्रक्रिया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रारूप मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों को चुनाव आयोग ने एक और मौका दिया है। आयोग ने एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) श्रेणी में रखे गए मतदाताओं को दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए गणना फॉर्म जमा करने की सुविधा दी है।
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महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संबंधित मतदाता अब अपने वर्तमान सामान्य निवास स्थान के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के पास गणना फॉर्म जमा कर सकते हैं।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) व्यक्तिगत रूप से या व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से ऐसे मतदाताओं से संपर्क करने का प्रयास करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट या ईसीआईएनईटी (ECINET) प्लेटफॉर्म पर ईपीआईसी (EPIC) नंबर दर्ज करके भी गणना फॉर्म डाउनलोड किया जा सकता है। इसे भरकर ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
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राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के प्रतिनिधियों की मदद लेंगे बीएलओ
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीएलओ मतदाताओं तक पहुंचने के लिए राजनीतिक दलों के मतदान केंद्र स्तर के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करेंगे। इसके अलावा पड़ोसियों, रिश्तेदारों, स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की मदद भी ली जाएगी। इनके माध्यम से मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

जो मतदाता अपने मूल निवास स्थान से कहीं नहीं गए हैं, उन्हें यह बताना होगा कि वे पहले गणना फॉर्म क्यों जमा नहीं कर सके। इसके लिए उन्हें अनुबंध-बी में जानकारी देनी होगी। वहीं, जो मतदाता अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, उन्हें नए पते और विधानसभा क्षेत्र का विवरण अनुबंध-सी में भरना होगा। ऐसे मतदाता अपने वर्तमान निवास क्षेत्र के संबंधित ईआरओ या एईआरओ के पास फॉर्म जमा कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर एएसडीडी श्रेणी के मतदाताओं की सूची उपलब्ध करा दी गई है।

फॉर्म-6 जमा कर चुके लोगों को दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं
चुनाव आयोग ने कहा है कि एएसडीडी सूची में जिन मतदाताओं के नाम शामिल हैं और जिन्होंने प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 जमा नहीं किया है, उन्हें गणना फॉर्म ऑनलाइन या ऑफलाइन भरकर संबंधित चुनाव अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। हालांकि, जिन लोगों ने प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा गणना फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। 

एसआईआर के बाद महाराष्ट्र में काटे गए थे दो करोड़ से ज्यादा नाम
एसआईआर के बाद महाराष्ट्र की प्रारूप मतदाता सूची से कुल 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम बाहर हो गए थे। एक नवंबर तक नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के कुल 14.1 लाख आवेदन मिले थे। इनमें प्रारूप मतदाता सूची से बाहर हुए मतदाताओं के साथ पहली बार वोटर बनने वाले लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा चुनाव आयोग को नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के 92,436 आवेदन मिले थे। वहीं, मतदाता सूची में सुधार के लिए फॉर्म-8 के 6.75 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।
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