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Politics: शायद शरद पवार ने अजित को I.N.D.I.A. की बैठक के लिए बुलाया हो! चाचा-भतीजे की मुलाकात पर राउत का तंज

Sun, 13 Aug 2023 04:21 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई।

सार

संजय राउत ने संवाददाताओं से कहा, शिंदे सरकार में कोई भी खुश नहीं है। लोग सरकार से निराश हैं और यहां तक कि डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी नाखुश हैं।
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संजय राउत - फोटो : Social Media
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विस्तार
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शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने रविवार को एक दिन पहले पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बीच हुई "गुप्त" बैठक को ज्यादा तवज्जो नहीं दिया। राउत ने कहा कि अस्सी वर्षीय दिग्गज नेता ने अपने भतीजे को 31 अगस्त और एक सितंबर को यहां विपक्षी गुट 'इंडिया' की बैठक में शामिल होने के लिए कहा होगा। 

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बताया जा रहा है कि एनसीपी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम की मुलाकात शनिवार को पुणे में एक बिजनेसमैन के आवास पर हुई थी। क्षेत्रीय समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित दृश्यों में शरद पवार दोपहर करीब एक बजे कोरेगांव पार्क क्षेत्र में व्यवसायी के आवास पर पहुंचते दिखे और शाम करीब पांच बजे वह चले गए। लगभग दो घंटे के बाद, उपमुख्यमंत्री अजित पवार को शाम 6:45 बजे कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए एक कार में परिसर से बाहर निकलते देखा गया।


गौरतलब है कि अजित पवार और आठ विधायक दो जुलाई को एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे, जिससे एनसीपी में विभाजन हो गया। शिंदे सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी शामिल है।

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शिंदे सरकार में कोई भी खुश नहीं: राउत
राउत ने संवाददाताओं से कहा, शिंदे सरकार में कोई भी खुश नहीं है। लोग सरकार से निराश हैं और यहां तक कि डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी नाखुश हैं। राऊत ने जोर देकर कहा, अगर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और नरेंद्र मोदी मिल सकते हैं, तो पवार परिवार क्यों नहीं? उम्मीद है कि शरद पवार कुछ दिनों में अपना रुख साफ कर देंगे। शरद पवार ने शायद अजित पवार को वापस आने के लिए (महाविकास अघाड़ी में) कहा होगा, जैसे उन्होंने सुबह-सुबह शपथ ग्रहण (2019 में फडणवीस के सीएम के रूप में) के बाद किया था। राजनीति में कुछ भी हो सकता है।

इस बीच राउत ने कहा कि यह भाजपा ही थी जिसने 2014 और 2019 में शिवसेना से नाता तोड़ लिया था। उन्होंने दावा किया, गठबंधन के नवीकरण करने के लिए अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी, जिसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि अगर 2019 विधानसभा चुनाव के बाद शिव सेना-भाजपा गठबंधन सत्ता में लौटती है तो 50:50 प्रतिशत सत्ता की साझेदारी होगी। लेकिन भाजपा अपनी बात से मुकर गई।

राउत ने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे 2019 में ही सीएम बन गए होते, लेकिन भाजपा उन्हें शीर्ष पद पर बिठाने की इच्छुक नहीं थी। हालांकि, पिछले साल जून में शिवसेना से अलग होने के बाद भाजपा ने उन्हें सीएम बनाया। इस बीच, एक सवाल का जवाब देते हुए राउत ने दावा किया, अगर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा वहां से (2024 के लोकसभा चुनाव में) चुनाव लड़ती हैं तो पीएम नरेंद्र मोदी के लिए वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से जीतना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि प्रियंका जीतेंगी।

राउत ने कहा कि 2024 में पूरा देश राहुल गांधी के साथ खड़ा होगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेठी (केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की सीट), वाराणसी (पीएम मोदी) और रायबरेली (सोनिया गांधी) में बदलाव होगा।

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पवार परिवार के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं: जयंत पाटिल

 
महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल ने रविवार को कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि शरद पवार और अजित पवार के बीच क्या बातचीत हुई। राजनीतिक हलकों में एनसीपी संस्थापक और उनके भतीजे के बीच पुणे में एक 'गुप्त' बैठक की चर्चा है। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि यह कोई गुप्त बैठक नहीं थी। उन्होंने कहा, मैं पवार साहब के साथ एक परिचित के यहां गया और जल्दी निकल गया। मुझे नहीं पता कि बाद में क्या हुआ।

राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। भाजपा नेता ने संवाददाताओं से कहा, मैं आपके ज्ञान को नहीं बढ़ा सकता। 

पाटिल ने कहा कि उनके भाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से एक नोटिस मिला था जिसमें किसी कंपनी के बारे में जानकारी मांगी गई थी। एनसीपी नेता ने कहा, चार दिन पहले वह (पाटिल के भाई) ईडी कार्यालय गए और अपनी सारी जानकारी जमा कर दी। ईडी के नोटिस को कल की बैठक से जोड़ना गलत है। अजित पवार गुट में शामिल होने की अटकलों पर पाटिल ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह शरद पवार के साथ हैं। पाटिल ने कहा, हां, अपने मन में कोई संदेह न रखें। उन्होंने दावा किया कि एनसीपी में कोई विभाजन नहीं है और दोनों गुटों का कहना है कि शरद पवार उनके नेता हैं। उन्होंने कहा, हर कोई उनकी (शरद पवार की) तस्वीर लगाता है और वे कहते हैं कि वे उनके लिए काम करते हैं, इसलिए कोई विभाजन नहीं है।

एनसीपी विधायक रोहित पवार ने भी कहा कि उन्हें पार्टी संस्थापक और डिप्टी सीएम के बीच किसी मुलाकात की जानकारी नहीं है, लेकिन अगर मुलाकात हुई भी है, तो परिवार में संवाद बनाए रखने में कुछ भी गलत नहीं है। 
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