एनसीपी विधायक और शरद पवार के पोते रोहित पवार ने अजित पवार की बगावत पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पहले से अंदेशा था कि भाजपा एनसीपी को तोड़ने की कोशिश कर सकती है लेकिन अजित पवार के कदम का किसी को अंदेशा नहीं था। पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने कहा कि वह शरद पवार के साथ हैं।
'अजित पवार के कदम ने चौंकाया'
बता दें कि अजित पवार ने रविवार को सभी को चौंकाते हुए शिवसेना-भाजपा के सत्ताधारी गठबंधन का दामन थाम लिया। अजित पवार समेत नौ एनसीपी विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहित पवार ने कहा कि हमें अजित पवार के कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी लेकिन ये हम जानते थे कि भाजपा एनसीपी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। रोहित पवार ने महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता जाहिर की और कहा कि मेरे जैसे लोग अब ये सोच रहे हैं कि क्या हमने राजनीति में शामिल होकर कोई गलती कर दी है?
अजित पवार के प्रति जताया सम्मान
हालांकि इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी रोहित पवार ने अजित पवार के प्रति सम्मान जताया और कहा कि वह उनके चाचा हैं और वह उन्हें लेकर भावुक हैं। रोहित ने कहा कि उन्होंने (अजित पवार) उनकी काफी मदद की है लेकिन वह राजनीतिक तौर पर एनसीपी चीफ शरद पवार के साथ हैं। एनसीपी विधायक ने कहा कि अगर ये जांचा जाए तो पता चलेगा कि शरद पवार की लोगों में ज्यादा स्वीकार्यता है।
ये भी पढ़ें-
Maharashtra: 'शिंदे को सीएम पद से हटाकर अजित पवार की होगी ताजपोशी', 'सामना' में उद्धव शिवसेना का बड़ा दावा
पांच जुलाई को होगी एनसीपी की अहम बैठक
रोहित पवार ने ये भी बताया कि मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए पांच जुलाई को मुंबई में पार्टी की बैठक बुलाई गई है। बता दें कि रोहित पवार को ही शरद पवार का उत्तराधिकारी माना जा रहा है। रोहित, शरद पवार के बड़े भाई अप्पा साहेब पवार के पोते हैं।