सार
महाराष्ट्र में किसानों के आत्महत्या के मामले में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने बताया कि बीते मार्च और अप्रैल के महीने में कुल 479 किसानों ने आत्महत्या की। लेकिन अभी तक केवल 110 पीड़ित परिवार को ही मुआवजा मिला है। ऐसे में अभी भी 150 से अधिक मामलों की जांच लंबित है, जिसके चलते पीड़ित परिवार आज भी न्याय और मदद का इंतजार में हैं।
महाराष्ट्र में किसानों के आत्महत्या का मामला हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। ऐसे में एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने बताया कि मार्च और अप्रैल 2025 में कुल 479 किसानों ने आत्महत्या की। यह आंकड़े मराठवाड़ा और विदर्भ समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आए हैं।
मामले में मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान लिखित जवाब में बताया कि मार्च में 250 किसानों की आत्महत्या के मामले दर्ज हुए, जिनमें से 102 मामलों को सरकारी सहायता के योग्य पाया गया, लेकिन अब तक केवल 77 मामलों में ही सहायता राशि वितरित हुई है। वहीं, 62 मामलों को अयोग्य माना गया और 86 मामलों की जांच अभी भी जारी है।