महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
- फोटो : पीटीआई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी समीत ठक्कर को सोमवार को जमानत मिल गई है। मुंबई की एक अदालत ने समीत ठक्कर को 25 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।
समीत ठक्कर को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में 24 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया है। पूर्व में 4 नवंबर को समीत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। समीत को अदालत में पेश करने के सरकार के तरीके पर भाजपा समेत तमाम दलों ने सवाल उठाए थे।
समीत ठक्कर के ट्विटर पर 59,000 फॉलोअर हैं और कई सरकारी अधिकारी भी सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करते हैं। नागपुर पुलिस ने ट्विटर पर उनकी टिप्पणियों को लेकर उन्हें 24 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। इन टिप्पणियों में आदित्य ठाकरे के खिलाफ ‘बेबी पेंगुइन’ टिप्पणी भी शामिल थी।
जमानत के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया
समीत ठक्कर को नागपुर अदालत से जमानत मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने समीत को स्थानीय अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें मामले की आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था।
पेंगुइन की तस्वीर को लेकर मामला दर्ज
नागपुर पुलिस ने ठक्कर की गिरफ्तारी का विरोध करने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इन कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते समय ऐसे कपड़े पहन रखे थे, जिनपर ‘पेंगुइन’ की तस्वीर थी।
जिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें शिवानी दानी वाखरे भी शामिल हैं। इनके ट्विटर एकाउंट पर लिखा है कि वह भाजपा युवा मोर्चा की महासचिव हैं। ठक्कर की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उन्हें भाजपा का पदाधिकारी बताया था। हालांकि, भाजपा ने इस बात से इनकार किया है कि ठक्कर उसके पदाधिकारी या उसकी आईटी सेल के सदस्य हैं।