राज्य सरकार ने विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था में वृद्धि की यह दर राष्ट्रीय अनुमान से भी अधिक है। केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई है कि 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में 6.5 फीसदी की वृद्धि होगी।
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था लगातार रफ्तार भर रही है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था में वृद्धि की यह दर राष्ट्रीय अनुमान से भी अधिक है। केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई है कि 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में 6.5 फीसदी की वृद्धि होगी।
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अर्थव्यवस्था की स्थिति और वित्तीय वर्ष के विभिन्न संकेतकों के आधार पर आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किया जाता है। आमतौर पर इसे विधानसभा में बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है। राज्य सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण के दौरान एक नोट में कहा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था देश की अर्थव्यवस्था से ज्यादा तेजी से बढ़ेगी। यह राज्य के लिए अच्छी खबर है। आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भी वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।
सरकार के मुताबिक कृषि से जुड़े क्षेत्र में 8.7 फीसदी की वृद्धि उम्मीद है। इसका प्रमुख कारण अच्छा मानसून और उन्नत कृषि तकनीक का उपयोग है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में 4.9 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। सरकार ने कहा कि उसने औद्योगिकीकरण, विनिर्माण और खनन को बढ़ावा दिए जाने से इस क्षेत्र में इजाफा होगा।
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इसके अलावा सेवा क्षेत्र में 7.8 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। सर्वेक्षण के मुताबिक 2024-25 में राज्य का राजस्व व्यय 519514 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। इसमें स्कूल, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सार्वजनिक उपयोग पर खर्च में हुई वृद्धि शामिल है। इसके अलावा पूंजीगत प्राप्तियां और व्यय का अनुमान भी लगाया गया है। कुल प्राप्तियों में से पूंजीगत प्राप्तियों का हिस्सा 24.1 फीसदी और कुल व्यय में पूंजीगत व्यय 22.4 फीसदी होने का अनुमान है।
सरकार ने कहा कि 2024-25 के लिए राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.4 फीसदी रहने की उम्मीद है। सर्वेक्षण के परिणाम राज्य की आर्थिक योजना के लिए एक संतुलित और टिकाऊ दृष्टिकोण का संकेतक है। वहीं महाराष्ट्र वार्षिक योजना 2024-25 में कुल व्यय लक्ष्य 192000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें 23528 करोड़ रुपये जिला योजना के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस कोष का उपयोग राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में विकास के लिए किया जाएगा।