महाराष्ट्र के परभणी से हिंसा और आगजनी की खबरें आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, यहां कुछ उपद्रवी तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान का अपमान किया। इससे लोग नाराज हो गए। अंबेडकर और संविधान का अपमान देख लोग भड़क गए। देखते ही देखते मामला तोड़फोड़ तक पहुंच गया। लोगों ने जमकर पत्थरबाजी की। नाराज भीड़ ने इलाके में कई जगह आगजनी की। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
पुलिस ने एक उपद्रवी को किया गिरफ्तार
वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि परभणी में जातिवादी मराठा उपद्रवियों ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर भारतीय संविधान की धज्जिया उड़ाईं। यह बहुत ही शर्मनाक है। यह पहली बार नहीं है, जब बाबासाहेब और उनके द्वारा बनाए गए संविधान का अपमान किया गया है। वीबीए परभणी जिले के कार्यकर्ता सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और उनके विरोध प्रदर्शन के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने उपद्रवियों में से एक को गिरफ्तार भी किया है।
वारदात की जांच की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी
पुलिस ने यह भी कहा कि हम सभी से कानून और व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध करता हूं। अगर अगले 24 घंटों के भीतर सभी उपद्रवियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो परिणाम भुगतने होंगे। कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक यशवंत काले ने कहा कि बुधवार दोपहर करीब एक बजे एक दुकान के बाहर पाइपों में आग लगा दी गई। जैसे ही भीड़ हिंसक हो गई, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन्हें तितर-बितर किया। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि पुलिस को पता लगाना चाहिए कि तोड़फोड़ की घटना के पीछे कौन था? स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के वासमत इलाके में भी बंद रहा।
परभणी के डीएम रघुनाथ खांडू गावड़े ने कहा कि पुलिस प्रशासन सड़क पर है। हमने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। हमने अतिरिक्त पुलिस बुला ली है। इसलिए मैं सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं।
परभणी के कलेक्टर कार्यालय में तोड़फोड़
पुलिस ने बताया कि भारतीय संविधान की प्रतिकृति को नुकसान पहुंचाने पर मध्य महाराष्ट्र के परभणी शहर में बुधवार को दूसरे दिन भी हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। अधिकारियों ने बताया कि अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की तरफ से बुलाए गए बंद के दौरान भीड़ ने आगजनी की और जिला कलेक्टर कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
परभणी मामले पर सियासी दलों की प्रतिक्रिया
परभणी शहर में हुई हिंसा पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, जब से यह सरकार (महायुति) सत्ता में आई है, यहां ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। लोगों को शांति बनाए रखनी चाहिए, सभी जानते हैं कि हम, महाराष्ट्र के लोग हमेशा बाबासाहेब और उनके विचारों के साथ रहे हैं।
वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, कल एक व्यक्ति ने बाबा साहब की मूर्ति के सामने संविधान का शीशा तोड़ दिया, यह संविधान और बाबा साहब का अपमान है। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया। हम मांग करते हैं कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसकी जांच होनी चाहिए - अगर देवेंद्र फडणवीस सरकार के सत्ता में आने के बाद कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। मैं आज दिल्ली में सीएम से मिलूंगा और उनसे इस मामले पर चर्चा करूंगा। जिन अंबेडकरवादियों ने विरोध प्रदर्शन किया है, मैं उनसे अपील करता हूं कि वे अपना विरोध शांतिपूर्ण रखें।
इस मामले में एनसीपी-एसपी सांसद फौजिया तहसीन खान ने कहा कि, परभणी मेरा गृहनगर है और मुझे दुख है कि वहां ऐसी घटना हुई है। मैं लोगों से अपील करती हूं कि वे शांति बनाए रखें और ऐसे मामलों का शिकार न बनें। इससे पहले हिंदू महासभा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था - विरोध प्रदर्शन में शामिल किसी व्यक्ति ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति के सामने संविधान के शीशे पर पत्थर फेंका था - जिसके बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। भारत में संविधान के प्रति अनादर को कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता।