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Maharashtra: अजित पवार की विमान हादसे में मौत पर चर्चा की मांग, रोहित पवार ने विधानसभा स्पीकर से की मुलाकात

Tue, 17 Mar 2026 11:19 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

रोहित पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर से मुलाकात कर अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत पर विस्तृत चर्चा की मांग की। हादसे की जांच, तकनीकी खामियों और पारदर्शिता को लेकर उठाए सवाल।
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रोहित पवार - फोटो : PTI
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विस्तार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात कर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। रोहित पवार ने इस संबंध में स्पीकर को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें 28 जनवरी को हुए विमान हादसे के सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि अजित दादा जैसे वरिष्ठ नेता की असामयिक मृत्यु के बावजूद अब तक विधानसभा में इस मुद्दे पर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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हादसे की जांच पर उठाए गंभीर सवाल
रोहित पवार ने अपने ज्ञापन में विमान हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने संभावित तकनीकी खामियों, ऑपरेशनल लापरवाही और नियामक निगरानी में कमी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि विमान के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, एयरवर्थिनेस, सेफ्टी सिस्टम और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन की गहन जांच कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ट्रांसक्रिप्ट, फ्लाइट रडार डेटा और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच करने की जरूरत बताई।

स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग
विधायक ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर आपराधिक जांच भी की जाए और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को शामिल किया जाए। रोहित पवार ने जोर देते हुए कहा कि जांच की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोगों का भरोसा कायम रहे।
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अजित पवार के योगदान का भी किया जिक्र
अपने बयान में रोहित पवार ने अजित पवार के राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने छह बार उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और 11 बार राज्य का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े नेता की मृत्यु पर सदन में चर्चा न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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