कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार-हत्या की घटना के बाद गुस्साए महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। डॉक्टरों ने मांग की कि सभी सरकारी संचालित मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए और केंद्रीय स्वास्थ्य देखभाल संरक्षण अधिनियम लागू किया जाए।
13 अगस्त से हड़ताल का नेतृत्व कर रहे महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने कहा कि विरोध के मद्देनजर मेडिकोज सोमवार को सरकारी अधिकारियों, कॉलेज प्रशासकों, पुलिस, सुरक्षा कर्मियों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को राखी बांधेंगे।
एमएआरडी ने कहा मीडिया से बात करते हुए कहा, "राखी बांधने का यह कार्य केवल प्रतीकात्मक नहीं है; यह हमारे डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर हिंसक भीड़ के हमले से हमें बचाने के लिए सिस्टम को एक सीधी चुनौती है। हम महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टर कार्रवाई के लिए एकजुट हैं। यह केवल न्याय की पुकार नहीं है, यह तत्काल, समझौता न करने वाले सुरक्षात्मक सुधारों की मांग है।"
9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक जूनियर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर हैं।
‘प. बंगाल सरकार ने लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की’
कोलकाता में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर के माता-पिता ने राज्य सरकार की आलोचना की है। डॉक्टर के माता-पिता ने कहा कि ममता सरकार ने बलात्कारी के खिलाफ जन आक्रोश को दबाने की कोशिश की है।
माता-पिता ने चिंता जाहिर करते हुए यह भी कहा कि बेटी के शव को सही से नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि शव उस स्थिति में नहीं था, जिस स्थिति में घटना के बाद अस्पताल में पाया गया था। पिता ने शनिवार को उत्तर 24 परगना में अपने आवास सेकहा, "हम लोगों की आवाज को दबाने, न्याय के लिए आंदोलन को रोकने के किसी भी प्रयास की निंदा करते हैं । हमें उम्मीद है कि सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी।"