महाराष्ट्र में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के भीतर खींचतान बढ़ा दी है। गठबंधन के पास वर्तमान संख्या बल के आधार पर केवल एक सीट जीतने की क्षमता है, जिस पर अब कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच दावों का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को कांग्रेस ने अपनी नेशनल पार्टी की स्थिति का हवाला देते हुए इस सीट पर अपना हक जताया।
गठबंधन की बैठक और कांग्रेस का रुख
राज्यसभा चुनाव और सीटों के बंटवारे पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए पार्टी का प्रस्ताव है कि यह राज्यसभा सीट उसे दी जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि सीट-शेयरिंग का मुद्दा बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। वडेट्टीवार ने कहा, भले ही दोनों पार्टियों ने दावा किया है, लेकिन एमवीए मिलकर चुनाव लड़ेगी और उम्मीदवार का नाम सबकी सहमति से तय होगा।
शिवसेना (यूबीटी) का तर्क
इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने इस सीट पर अपनी पार्टी का पहला हक बताया था। संजय राउत का तर्क है कि विधानसभा में वर्तमान संख्या के हिसाब से शिवसेना (यूबीटी) के पास 20 विधायक हैं, जो गठबंधन में सबसे ज्यादा हैं। वहीं कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी (एसपी) के पास 10 विधायक हैं। राउत ने यह भी संकेत दिया था कि शरद पवार ने भी राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
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चुनाव का गणित और कार्यकाल
महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। पांच मार्च तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं और 16 मार्च को मतदान होगा। अप्रैल में शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी, फौजिया खान, रामदास अठावले, भागवत कराड, रजनी पाटिल और धैर्यशील पाटिल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विधायकों की कम संख्या के कारण विपक्षी गठबंधन एमवीए केवल एक ही उम्मीदवार को संसद के ऊपरी सदन में भेजने की स्थिति में है।
नमाज विवाद पर प्रतिक्रिया
बैठक के इतर विजय वडेट्टीवार ने मालेगांव नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा नमाज अदा करने की घटना पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्य सड़कों पर नहीं होने चाहिए, लेकिन रमजान के दौरान रोजेदारों के लिए समय पर नमाज जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करके समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल, एमवीए के तीनों घटक दल अपनी-अपनी लीडरशिप से सलाह-मशविरा करेंगे, जिसके बाद ही उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। वडेट्टीवार का मानना है कि एकजुट होकर लड़ने पर एमवीए की जीत निश्चित है।
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