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Pune: लापरवाही से कार चलाने के मामले में पुलिस ने नाबालिग के पिता को हिरासत में लिया, दो लोगों की हुई थी मौत

Tue, 21 May 2024 03:28 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

पुलिस ने दावा किया कि नाबालिग नशे में धुत होकर कार चला रहा था। रविवार को कल्याणी नगर में उसकी कार एक मोटरसाइकिल से टकरा गई। पुलिस ने बार के मालिक और स्टाफ को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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सड़क हादसा। - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के पुणे में रविवार को एक लग्जरी कार और मोटरसाइकिल की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पुलिस ने कार के चालक 17 वर्षीय लड़के को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को कहा था कि वह सत्र न्यायालय का रुख करेगी और आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का आग्रह करेगी। हालांकि, अब पुलिस ने नाबालिग के पिता को मंगलवार की सुबह छत्रपति संभानगर से हिरासत में लिया। पिता की पहचान विशाल अग्रवाल के तौर पर की गई है।
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पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा, "इस हादसे में जिन दो लोगों के अपनी जान गंवाई, उन्हें न्याय मिले इसके लिए हमने सबसे सख्त दृष्टिकोण अपनाया है। आरोपियों को उचित सजा मिले, इसके लिए हमें जो करना होगा हम करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "एफआईआर में पांच आरोपियों के नाम शामिल हैं। उनमें से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। हम उन्हें अदालत के समक्ष पेश करेंगे। आरोपी के पिता को भी हिरासत में ले लिया गया है।"

पिता को  हिरासत में लिया गया
इस मामले में पुलिस ने दावा किया कि नाबालिग नशे में धुत होकर कार चला रहा था। रविवार को कल्याणी नगर में उसकी कार एक मोटरसाइकिल से टकरा गई। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा, "हमने छत्रपति संभाजीनगर से नाबालिग के पिता को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुणे लाया जा रहा है, जहां उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।"
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पुलिस ने बार के मालिक और स्टाफ को भी गिरफ्तार कर लिया है। उनपर एक नाबालिग को शराब परोसने का आरोप है। एफआईआर में बताया गया कि लड़के के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न होने के बावजूद पिता ने उसे कार दे दी। 

हादसे में दो लोगों की मौत 
इस हादसे में मध्य प्रदेश के अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा की मौत हो गई थी। नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां कुछ ही घंटों के भीतर उसे जमानत दे दी गई। बोर्ड ने उसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का दौरा करने और यातायात नियमों का अध्ययन करने और 15 दिनों के भीतर बोर्ड को एक प्रस्तुति प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। आदेश में सीसीएल (कानून का उल्लंघन करने वाला बच्चा) सड़क हादसे और उसका समाधान विषय पर 300 शब्दों का निबंध लिखने के लिए भी कहा गया है। 
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