केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सोमवार को कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कम से कम 170 सीटें जीतेगा। महायुति में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना, भाजपा, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और अठावले की आरपीआई (ए) भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पूरे देश में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए लगातार दलित वोट हासिल किए हैं और महायुति के सीट बंटवारे के समझौते में इसके लिए निर्धारित एक सीट के बजाय उसे चार से पांच सीटें मिलनी चाहिए थीं।
'पीएम नेतृत्व में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे'
उन्होंने कहा, राज्य सरकार की लड़की बहन योजना बहुत प्रभावी और लोकप्रिय है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे। इस बार दलित, ओबीसी और मराठा महायुति को वोट देंगे, जिससे हमें 288 विधानसभा सीटों में से 170 सीटें जीतने में मदद मिलेगी।
'इस बार मराठा कोटा फैक्टर नहीं करेगा प्रभावित'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मराठा कोटा फैक्टर, जिसने लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन को प्रभावित किया था, इस बार कोई फैक्टर नहीं होगा क्योंकि शिंदे सरकार ने समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। मैं मनोज जरांगे को चुनाव न लड़ने के लिए धन्यवाद देता हूं। हालांकि, उनका प्रभाव ज्यादा नहीं होता। केंद्र ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी 10 प्रतिशत दिया है। पूरे मराठा समुदाय को ओबीसी सेगमेंट में शामिल करने की जरांगे की मांग सही नहीं है।
मनसे से महायुति को मिलेगी मदद- अठावले
इस दौरान रामदास अठावले ने दावा किया कि चुनाव मैदान में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रवेश से महायुति को मदद मिलेगी क्योंकि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के वोटों में सेंध लगाएगी। उन्होंने कहा, इसके अलावा, इस बार कई मोर्चे हैं, जैसे बच्चू कडू और संभाजी छत्रपति की परिवर्तन महाशक्ति, प्रकाश अंबेडकर की वीबीए, समाजवादी पार्टी शामिल हैं। रामदास अठावले ने कहा कि हालांकि आरपीआई (ए) की उपेक्षा की गई है, लेकिन भाजपा को चुनावों के बाद यह नहीं भूलना चाहिए।
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक चरण में चुनाव
महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। सीएम एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति और शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच में मुख्य लड़ाई है।